कुगती दर्रे के नीचे बनेगी सुरंग
एएम नाथ। चम्बा : कुगती दर्रे के नीचे सुरंग निर्माण को लेकर केंद्र सरकार के ताजा फैसले ने हिमाचल प्रदेश के चंबा और लाहौल क्षेत्र में विकास की नई उम्मीद जगा दी है। भरमौर–लाहौल सड़क को स्थायी, सुरक्षित और सालभर सुचारू बनाने की दिशा में यह एक बड़ा कदम माना जा रहा है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने कुगती दर्रे के नीचे प्रस्तावित सुरंग के लिए सर्वे के आदेश जारी कर दिए हैं, जिसकी पुष्टि विधायक डॉ. जनक राज ने की है।
कुगती दर्रा चंबा जिले के जनजातीय क्षेत्र भरमौर को लाहौल घाटी से जोड़ने वाला एक अत्यंत महत्वपूर्ण लेकिन बेहद कठिन पर्वतीय मार्ग है।
विधायक डॉ. जनक राज ने कहा कि “सर्वे के आदेश जारी होना इस बात का संकेत है कि भरमौर–लाहौल सड़क परियोजना अब कागजों से निकलकर जमीन पर उतरने की ओर बढ़ रही है। यह सुरंग चंबा और लाहौल दोनों जिलों के लिए विकास का नया द्वार खोलेगी।” उन्होंने बताया कि लंबे समय से स्थानीय लोग और जनप्रतिनिधि इस सुरंग की मांग कर रहे थे।
इसी क्रम में केंद्र सरकार ने कुंजम दर्रे के नीचे सुरंग निर्माण की प्रक्रिया को भी आगे बढ़ाया है। कुंजम दर्रा लाहौल–स्पीति क्षेत्र का प्रमुख प्रवेश द्वार है। यहां हर साल बर्फबारी के कारण सड़क संपर्क बाधित हो जाता है। कुंजम सुरंग बनने से स्पीति घाटी को सालभर बेहतर सड़क संपर्क मिलेगा, जिससे पर्यटन, आपात सेवाएं और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
विशेषज्ञों के अनुसार, कुगती और कुंजम—दोनों दर्रों के नीचे बनने वाली सुरंगें हिमाचल प्रदेश के दुर्गम और जनजातीय इलाकों को मुख्यधारा से जोड़ने में ऐतिहासिक भूमिका निभाएंगी। यह परियोजनाएं न केवल सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक विकास के लिहाज से भी मील का पत्थर साबित होंगी।
