रामपुरा फूल। सरकार तथा प्रशासन के लाख दावों के बावजूद प्लास्टिक डोर का चलन तथा कहर कम होने का नाम नहीं ले रहा। प्लास्टिक डोर के चलते आए दिन हो रहे हादसे प्रशासन तथा लोगों की उदासीनता का प्रतक्ष प्रमाण साबित हो रहे हैं। प्रशासनिक आदेशों को ताक पर रखकर इस्तेमाल की जा रही प्लास्टिक डोर मंगलवार दोपहर स्थानीय शहर के अंदरूनी रेल्वे ओवर ब्रिज से गुजर रहे दोपहिया वाहन चालक के लिए आफत बन गई।
प्लास्टिक डोर की चपेट में आने से उक्त दोपहिया वाहन चालक का गला तथा एक हाथ की अंगुली कट गई। घायल की पहचान रविंद्र सिंह पुत्र अजय सिंह निवासी प्रेम नगर रामपुरा फूल के रुप में हुई है। जानकारी के मंगलवार दोपहर रविंद्र सिंह अपने मोटरसाइकिल पर सवार होकर शहर के अंदरुनी फाटक पर बने रेल्वे ओवरब्रिज के उपर से गुजर रहा था। इस दौरान ओवरब्रिज के उपर से गुजर रही प्लास्टिक की डोर की चपेट में आने रविंद्र सिंह गंभीर घायल हो गया। इस दौरान वहां से गुजर रहे अन्य वाहन चालकों द्वारा उसे तुरंत स्थानीय सिविल अस्पताल पहुंचाया गया। यहां उसकी गर्दन पर सात तथा अंगुली पर तीन टांके लगे हैं।
पाबंदी के बावजूद प्लास्टिक डोर के लगातार हो रहे इस्तेमाल पर स्थानीय शहरवासियों द्वारा गहरी चिंता व्यक्त की गई है। अरोङ वंश सभा रामपुरा फूल के अध्यक्ष अशोक अरोड़ा ने कहा कि सरकार, प्रशासन तथा सामाजिक संगठनों द्वारा समय-समय पर जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को प्लास्टिक डोर के इस्तेमाल से गुरेज करने के लिए प्रेरित किया जाता है। किंतु इसके बावजूद प्लास्टिक डोर का इस्तेमाल बंद नहीं हो रहा। उन्होंने सरकार तथा प्रशासन से प्लास्टिक डोर के इस्तेमाल पर सख्ती से पाबंदी लगाने की मांग की। समाजसेवी मनदीप शर्मा कहते हैं कि प्लास्टिक डोर की चपेट में आने से आए दिन अनेकों लोग हादसाग्रसत हो जाते हैं, इसके बाद भी ज्यादातर लोग प्लास्टिक डोर का इस्तेमाल करने से गुरेज नहीं कर रहे। रक्तदानी मनोहर सिंह ने कहा कि अपनी पतंग बचाने के लिए किसी की जिंदगी की डोर काटने का अधिकार किसी को भी नहीं है।
