मोहाली, 30 जनवरी। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शुक्रवार को मोहाली में विभिन्न विभागों के 916 युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इस अवसर पर उन्होंने सभी नव-नियुक्त उम्मीदवारों को पूरी ईमानदारी और निष्ठा से पंजाब और पंजाबियों की सेवा करने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक राज्य सरकार द्वारा बिना रिश्वत और बिना सिफारिश 63,943 युवाओं को सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं और ‘मिशन रोजगार’ के तहत यह प्रक्रिया आगे भी लगातार जारी रहेगी।
उन्होंने कहा कि अब उम्मीदवारों को केवल परीक्षा देनी होती है, उसके बाद परिणाम और नियुक्ति पत्र सरकार स्वयं भेजती है, जिससे भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी बनी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2022 में झाड़ू का बटन दबाकर जनता सरकार में भागीदार बनी, और उसी फैसले से आज शिक्षा, रोजगार और विकास की रोशनी पूरे पंजाब में फैल रही है, जबकि पिछली सरकारों के दौर में प्रदेश को सिर्फ अंधकार मिला।
उन्होंने कहा कि विरोधियों ने सरकार द्वारा किए गए जन-हितैषी कार्यों की सराहना करने के बजाय हमेशा कमियां ही निकाली हैं। लेकिन हमारा ध्यान सिर्फ काम पर है। पंजाब को दोबारा सही राह पर लाने के लिए लोग हमारा साथ दे रहे हैं। हमें विरोधियों की परवाह नहीं है।
उन्होंने कहा कि अगर हमें शहीदों के सपनों की आजादी को साकार करना है, तो हमें भी आजादी के लिए संघर्ष करना पड़ेगा। शहीदों के सपनों की आजादी को हकीकत में बदलने के लिए हमारी सरकार लगातार प्रयास कर रही है।
भगवंत मान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि आज मोहाली में विभिन्न विभागों के 916 नौजवान लड़के-लड़कियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। सभी को पूरी तन्मयता और ईमानदारी से पंजाब-पंजाबियों की सेवा करने के लिए शुभकामनाएं दी। अब तक 63 हजार 943 युवाओं को बिना रिश्वत और बिना सिफारिश सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं। आने वाले दिनों में भी ‘मिशन रोजगार’ के तहत इसी तरह युवाओं के हाथों में नियुक्ति पत्र सौंपने का सिलसिला लगातार जारी रहेगा।
इससे पहले उन्होंने कहा कि डॉ. भीमराव आम्बेडकर जी के नाम पर बनाए गए पोर्टल में जवाबदेही तय की गई है, ताकि कोई भी व्यक्ति इस योजना को स्कैम ना बना सके। यदि कोई भी कॉलेज फर्जी दाखिला दिखाकर स्कॉलरशिप लेने की कोशिश करेगा, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ के तहत राज्य के हर परिवार को 10 लाख रुपए तक का मुफ़्त इलाज मिलेगा। इस योजना की सुविधा सरकारी और निजी अस्पतालों में उपलब्ध होगी। अब राज्य का कोई भी परिवार इलाज से वंचित नहीं रहेगा।
