प्रदेश सराकर पेंशनरों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध : नरेश चौहान

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एएम नाथ। शिमला :  मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान ने आज शिमला के कालीबाड़ी हाल में हिमाचल पेंशनर संयुक्त मोर्चा की त्रैमासिक बैठक की अध्यक्षता की। इस अवसर पर उन्होंने पेंशनरों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार पेंश्नरों और कर्मचारियों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और इस दिशा में हर संभव प्रयास किए जा रहे है। उन्होंने कहा कि पेंश्नरों को उनका हक सुनिश्चित करना और सम्मानपूर्वक जीवनयापन सुनिश्चित करना प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि पेंशनर कर्मचारियों ने अपने जीवन का सबसे महत्त्वपूर्ण समय प्रदेश और देश की सेवा में लगाया है। 23दृ25 वर्ष की आयु में सरकारी सेवा में आने के बाद अपना पूरा जीवन सरकार और समाज के लिए समर्पित किया।
उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार बनने के बाद प्रदेश की वित्तीय स्थिति का आकलन करने पर यह स्पष्ट हुआ कि पिछली सरकार कई बड़ी आर्थिक देनदारियां छोड़कर गई थी। सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के छठे वेतन आयोग से संबंधित हजारों करोड़ रुपये के एरियर और अन्य देनदारियां भी लंबित थीं और प्रदेश सरकार पेंशनर्स के लंबित एरियर को चरणबद्ध तरीके से जारी कर रही है। सबसे पहले 75 वर्ष से अधिक आयु के पेंशनरों के एरियर का भुगतान किया गया और अब 70 वर्ष तक के पेंशनरों के मामलों को भी प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जैसे-जैसे प्रदेश की आर्थिक स्थिति बेहतर होगी, पेंशनर्स की मांगों को भी चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार से प्रदेश को राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) सहित विशेष अनुदान प्राप्त हुआ था, लेकिन इसके बावजूद कई घोषणाएं बिना पर्याप्त वित्तीय व्यवस्था के की गईं, जिनमें से कुछ को वर्तमान सरकार को डि-नोटिफाई करना पड़ा। उन्होंने कहा कि हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्यों के लिए केंद्र से मिलने वाला राजस्व घाटा अनुदान बेहद महत्त्वपूर्ण है। इस विषय को लेकर प्रदेश सरकार ने गंभीरता से अपनी बात उठाई और विधानसभा में विशेष सत्र भी आयोजित किया।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने राजस्व बढ़ाने के लिए कई महत्त्वपूर्ण फैसले लिए हैं। शराब के ठेकों की खुली नीलामी से पहले वर्ष में ही लगभग 460 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त हुआ। इसी तरह जल संसाधनों से जुड़े अधिकारों को लेकर भी राज्य सरकार ने मजबूती से अपनी बात रखी है।
नरेश चौहान ने कहा कि कर्मचारियों के हित में पुरानी पेंशन योजना लागू करना एक ऐतिहासिक निर्णय रहा है। उन्होंने कहा कि यदि राजनीति करनी होती तो यह फैसला चुनाव वर्ष में लिया जाता, लेकिन सरकार ने कर्मचारियों के सम्मान और भविष्य को ध्यान में रखते हुए इसे लागू किया।
बैठक में हिमाचल पेंशनर संयुक्त मोर्चा के अध्यक्ष आत्मा राम शर्मा, मंडी के संयोजक हरीश शर्मा, महासचिव हुकुम सिंह ठाकुर तथा कॉरपोरेट सेक्टर चेयरमैन बी.एस. चौहान सहित अन्य पदाधिकारी और सदस्य भी उपस्थित रहे।
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