एएम नाथ । पालमपुर : भाकृअनुप-भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान क्षेत्रीय केन्द्र, पालमपुर में तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक पूर्ण किया, जिसमें 48 प्रतिभागियों ने उपस्थिति दी। डा. गोरख मल, प्रमुख क्षेत्रीय केन्द्र ने संस्थान द्वारा चलाई जा रही जनजातीय उप-योजना के जनजातीय किसानों/पशुपालकों को इसके फायदों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य जनजातीय अति निर्धन परिवारों की आर्थिकी को सुदृढ़ करना है। उन्होंने भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान की विशेष उपलब्धिंयों एवं संस्थान द्वारा तैयार की गई वैक्सीन एवं अन्य टीकों की विस्तृत जानकारी प्रदान की।
संस्थान के सभी वैज्ञानिकों डा. बीरबल सिंह, प्रधान वैज्ञानिक, डा. रिंकु शर्मा, प्रधान वैज्ञानिक, डा. यू. एस. पति, वरिष्ठ वैज्ञानकि, डा. सुमा एन, वरिष्ठ वैज्ञानिक, डा. देवी गोपीनाथ, वैज्ञानिक, डा. गौरी जैरथ, वैज्ञानिक एवं डा. अजेयता रियालच, वैज्ञानिक द्वारा अपने-अपने विषय अनुसार प्रतिभागी किसानों/पशुपालकों को हिमाचल प्रदेश में संकर प्रजाति भेड़ पालन के लिये प्रशिक्षण प्रदान किया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागी किसानों/पशुपालकों को संस्थान की प्रयोगशालाओं के साथ चौ.सं.कु.हि.प्र.कृ.वि.वि. पालमपुर के फीड एवं मिल्क प्लांट, और सीएसआईआर-आईएचबीटी, पालमपुर के चारा सम्बन्धित फार्म भ्रमण भी करवाया गया। कार्यक्रम में श्री बलविन्द्र सिंह राणा, वरिष्ठ तकनीकी अधिकारी, श्री आर. रणजीत सिंह, तकनीकी अधिकारी एवं संविदा बिन्दुओं ने विशेष भूमिका निभाई।
