भगवान को देखने के लिए लोगों का जन सैलाब उमड़ा
बद्दी, 2 अप्रैल (तारा) : बद्दी उपमंडल के मजरू में आयोजित श्रीमद्भागवत पुराण कथा के पांचवे भगवान श्रीकृष्ण के जन्म दिन मनाया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। कथा में व्यास पंडित प्रकाश चंद गर्गाचार्य ने श्री कृष्ण के जन्म की पावन गाथा सुनाई।
राजा कंस ने अपनी बहन देवकी के विवाह के बाद आकाशवाणी सुनी कि देवकी की आठवीं संतान उसका वध करेगी। भयभीत कंस ने वासुदेव-देवकी को जेल में डाल दिया और उनके 7 पुत्रों को मार डाला। भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को आधी रात में, वासुदेव और देवकी के आठवीं संतान के रूप में कारागार में कृष्ण का जन्म हुआ
जन्म के समय ही कारागार के द्वार अपने आप खुल गए और पहरेदार सो गए। वासुदेव ने शिशु कृष्ण को टोकरी में रखकर यमुना पार की, जहाँ शेषनाग ने बारिश से रक्षा की।वासुदेव ने कृष्ण को गोकुल में नंदजी के घर छोड़ दिया और यशोदा की नवजात कन्या को लेकर मथुरा लौट आए।
कंस ने जब उस कन्या को मारना चाहा, तो वह योगमाया के रूप में आकाश में उड़ी और कंस को चेतावनी दी कि उसका काल पृथ्वी पर जन्म ले चुका है।जो उसकी मौत का कारण बनेगा। इस आकाशवाणी से कंस डर गया और नंद गांव में सभी बच्चों को उठाने का आदेश जारी कर दिए। लेकिन भगवान को कौन मार सकता था। इस बीच उन्होंने सुंदर भजन सुना कर उपस्थित लोगों का भरपूर मनोरंजन किया।
सुखविंद्र सिंह मेघवाल, सुरेश शर्मा, भोगपुर के गुरमीत सिंह, भाग सिंह चंदेल, श्याम लाल धीमान, ज्ञान चंद, वीर सिंह चंदेल, अशोक चंदेल, बलविंद्र सिंह, अधिवक्ता श्याम लाल, प्यारे लाल, मेला राम ठाकुर, रामजीदास, राज कुमार ठाकुर, जवाहर सिंह ठाकुर, कमाल मान, रणजीत सिंह ने भाग लिया।
