पटियाला पुलिस द्वारा शंभू के पास फ्रेट कॉरिडोर रेलवे ट्रैक पर हुए धमाके के पीछे सक्रिय आतंकी नेटवर्क का पर्दाफाश किए जाने के एक दिन बाद केंद्र सरकार ने रेलवे सुरक्षा को लेकर कड़े कदम उठाए हैं।
केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने बुधवार को घटनास्थल का दौरा किया और सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने घोषणा की कि ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (EDFC) की सुरक्षा के लिए अब 24 घंटे गश्त की जाएगी और ड्रोन के जरिए निगरानी शुरू होगी।
मीडिया को संबोधित करते हुए मंत्री ने पंजाब में रेलवे बुनियादी ढांचे को बार-बार निशाना बनाए जाने की घटनाओं पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने आश्वासन दिया कि सुरक्षा और निगरानी को मजबूत करने के लिए तत्काल प्रभाव से सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। बिट्टू ने बताया कि अंबाला मंडल के पंजाब क्षेत्र में अब तक 173 सीसीटीवी कैमरे लगाए जा चुके हैं और अतिरिक्त कैमरे लगाने का काम तेजी से चल रहा है।
तीन महीने में दूसरी बड़ी वारदात
मंत्री ने रेखांकित किया कि पिछले तीन महीनों के भीतर 35 किलोमीटर के दायरे में यह इस तरह की दूसरी घटना है। इससे पहले 23 जनवरी को नेशनल हाईवे-44 से महज 800-900 मीटर की दूरी पर एक धमाका हुआ था, जबकि ताजा घटना स्थल हाईवे से केवल 300 मीटर दूर है। शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि शरारती तत्व हाईवे से रेलवे ट्रैक तक आसान पहुंच का फायदा उठा रहे हैं। उन्होंने इन घटनाओं के पीछे बाहरी ताकतों की संलिप्तता की आशंका जताई, जो क्षेत्र को अस्थिर करने और रेलवे जैसे महत्वपूर्ण आर्थिक ढांचे को निशाना बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
आर्थिक गतिविधियों पर चोट की साजिश
साहनेवाल को पश्चिम बंगाल से जोड़ने वाला ईडिएफसी कॉरिडोर देश की एक महत्वपूर्ण आर्थिक जीवन रेखा है। इस ट्रैक से रोजाना लगभग 30 मालगाड़ियां औद्योगिक और कृषि उत्पादों की ढुलाई करती हैं। रवनीत बिट्टू ने कहा कि इस नेटवर्क में किसी भी तरह का व्यवधान राज्य और राष्ट्र की अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा झटका है।
उन्होंने मालगाड़ी के लोको पायलट की मुस्तैदी की भी सराहना की, जिसने धमाके का आभास होते ही तुरंत ट्रेन रोक दी और एक बड़ा हादसा होने से बचा लिया। मंत्री ने दोहराया कि सरकार यात्रियों, माल ढुलाई की सुरक्षा और निर्बाध आर्थिक गतिविधियों को सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठाने को प्रतिबद्ध है।
