एसएसपी शिमला गौरव सिंह को अब तक नहीं मिला सरकारी आवास, व्यवस्था पर सवाल
एएम नाथ। शिमला : नशे के खिलाफ सख्त अभियान चलाकर सराहना बटोरने वाले शिमला के एसएसपी गौरव सिंह को अब तक सरकारी आवास नहीं मिल पाया है। हैरानी की बात यह है कि जिन पुलिस अधिकारी को बेहतरीन कार्य के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री स्वयं सम्मानित कर चुके हैं, वही अधिकारी पिछले तीन महीनों से सरकारी आवास की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
गौरव सिंह को 9 फरवरी 2026 को एसएसपी शिमला के पद पर नियुक्त किया गया था। इसके बाद से उन्होंने जिले में नशा तस्करी के खिलाफ लगातार कार्रवाई करते हुए कई बड़े मामलों का खुलासा किया। उनके नेतृत्व में पुलिस ने चिट्टा तस्करों और संगठित नेटवर्क पर शिकंजा कसने में अहम सफलता हासिल की है।
इसके बावजूद अब तक उन्हें सरकारी आवास उपलब्ध नहीं कराया जा सका है, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। पुलिस विभाग और प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं।
लोगों का कहना है कि जो अधिकारी बेहतर काम कर रहे हैं, उन्हें सुविधाएं और संसाधन समय पर उपलब्ध करवाए जाने चाहिए ताकि वे और अधिक प्रभावी ढंग से अपनी जिम्मेदारियां निभा सकें। वहीं यह मामला सरकारी व्यवस्थाओं में देरी और समन्वय की कमी को भी उजागर कर रहा है।
