हाजीपुर : गांव दगन में एक भट्ठा मजदूर ने अपनी पत्नी के चरित्र पर शक करके चाकू से पांच वार करते मौत के घाट उतार दिया। अपना गुनाह छिपाने के लिए आरोपित शव को चारपाई के नीचे छिपाने लगा था, लेकिन पंखा गिरने से आवाज आने पर मौके पर लोग इकट्ठा हुए तो उसके गुनाहों से पर्दा उठ गया। लोगों को देखकर आरोपित मौके से फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार लक्ष्मी नारायण (30) मूलरूप से छत्तीसगड़ के जिला रायपुर का रहने वाला है। वह यहां पर अपनी पत्नी ज्योति (27) के साथ रहकर ईंट भट्ठा पर काम करता है। मालूम पड़ा है कि लक्ष्मी नारायण अपनी पत्नी के चरित्र पर शक करता था।
पति की प्रताड़ना से दुखी होकर ज्योति दो माह पहले अपनी छह साल की बेटी को साथ लेकर रायपुर से भागकर हाजीपुर के दगन गांव में आ गई थी। वह यहां पर ईंट भट्ठा पर काम करने लगी। इसी बीच, उसका पति लक्ष्मी नारायण भी यहां आ गया था। कुछ परिचित लोगों के बीच में पड़ने से पति-पत्नी में समझौता हो गया था। पिछले पंद्रह दिनों से दोनों साथ रह रहे थे। मगर, वीरवार रात करीब दो बजे दोनों के बीच फिर कहासुनी हो गई। विवाद इतना बढ़ गया कि गुस्से में आकर लक्ष्मी नारायण ने घर में रखे चाकू से ज्योति पर ताबड़तोड़ पेट में पांच वार किए। हमले में ज्योति ने मौके पर ही तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया।
वारदात के बाद आरोपी घबरा गया और उसने अपना गुनाह छिपाने के लिए शव को कमरे में पड़ी चारपाई के नीचे छिपाने की कोशिश की। इसी आपाधापी के दौरान कमरे में चल रहा टेबल पंखा अचानक नीचे गिर गया। देर रात सन्नाटे में पंखा गिरने की तेज आवाज सुनकर पास ही रहने वाले पड़ोसियों को किसी अनहोनी का शक हुआ। जब उन्होंने जाकर देखा, तो इस पूरी खौफनाक वारदात का खुलासा हुआ। पड़ोसियों द्वारा घटना की सूचना तुरंत हाजीपुर पुलिस को दी गई। मामला गंभीर होने के कारण सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस के साथ-साथ फोरेंसिक विभाग की स्पेशल टीम भी मौके पर पहुंच गई।
घटनास्थल से जांच टीम ने सबूत जुटाए हैं। पुलिस ने मृतका के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है। थाना हाजीपुर के एसएचओ हरप्रेम सिंह ने बताया कि आरोपित के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करके उसकी गिरफ्तारी में छापामारी की जा रही है।
