अब सपनों को नहीं रोकेंगी दूरियां! पंजाब के युवा घर बैठे बन सकेंगे ‘आईएएस’ और ‘पीसीएस’ अधिकारी

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चंडीगढ़  : पंजाब के हजारों युवाओं और खासकर लड़कियों के लिए अब आईएएस या आईपीएस और पीसीएस अधिकारी बनने का सपना पूरा करना आसान होने जा रहा है। अब उन्हें तैयारी के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी और न ही भारी-भरकम फीस का बोझ उठाना पड़ेगा, क्योंकि वे घर बैठे ही इन परीक्षाओं की तैयारी कर सकेंगे।

यह कोचिंग पूरी तरह मुफ्त होगी, जिससे छात्रों को महंगी फीस की चिंता नहीं रहेगी।

पंजाब सरकार पहली बार राज्य के युवाओं के लिए देश के कई बड़े संस्थानों के साथ मिलकर आॅनलाइन कोचिंग कोर्स शुरू करने जा रही है। इसके तहत पंजाब के कॉलेजों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को आईएएस, आईपीएस और पीसीएस जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए सरकारी खर्च पर मुफ्त आॅनलाइन कोचिंग उपलब्ध करवाई जाएगी। इस योजना का उद्देश्य सिर्फ कक्षाएँ चलाना नहीं, बल्कि एक ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार करना है जो युवाओं को देश की सबसे बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार कर सके।

गाँवों के वे विद्यार्थी, जिनके परिवार बच्चों को दिल्ली, चंडीगढ़ या अन्य बड़े शहरों की महंगी कोचिंग में भेजने में सक्षम नहीं हैं, और वे लड़कियां जिनके माता-पिता उन्हें बाहर भेजने से हिचकिचाते हैं, अब वे घर बैठे ही देश के विशेषज्ञ शिक्षकों से पढ़ाई कर सकेंगे। सरकार का मानना है कि प्रतिभा सिर्फ शहरों की संपत्ति नहीं है, बल्कि हर गाँव और घर में छिपी होती है, जिसे सही अवसर मिलना चाहिए।

पहले चरण में 1000 विद्यार्थियों का होगा चयन

उच्च शिक्षा विभाग द्वारा तैयार इस योजना के पहले चरण में 1000 विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा। इनमें से 750 सरकारी कॉलेजों और 250 निजी कॉलेजों के छात्र होंगे। चयनित विद्यार्थियों को लाइव क्लास, रिकॉर्डेड लेक्चर, करंट अफेयर्स, मॉक टेस्ट, उत्तर लेखन अभ्यास, मेंटरशिप और इंटरव्यू गाइडेंस जैसी सभी सुविधाएँ पूरी तरह मुफ्त दी जाएंगी। खास बात यह है कि छात्रों से किसी भी प्रकार की फीस नहीं ली जाएगी, न रजिस्ट्रेशन फीस, न टेस्ट फीस और न ही स्टडी मटीरियल का खर्च।

पूरा खर्च सरकार वहन करेगी। पंजाब सरकार ने इस संबंध में देश की बड़ी कंपनियों और संस्थानों से बातचीत शुरू कर दी है और 25 जून तक प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है। चयनित शिक्षण संस्थानों को 45 दिनों के भीतर आॅनलाइन पढ़ाई शुरू करनी होगी और छात्रों को सभी आवश्यक सहायता प्रदान करनी होगी।

छात्रों का चयन कैसे होगा और कौन भाग ले सकेगा?

चयन प्रक्रिया कोचिंग संस्थानों द्वारा की जाएगी। संस्थान पंजाब सरकार के उच्च शिक्षा विभाग के साथ मिलकर प्रवेश परीक्षा आयोजित करेंगे। इसका पूरा सिलेबस शिक्षा विभाग द्वारा तय किया जाएगा। इससे राज्य के हर कॉलेज के छात्र को आॅनलाइन कोचिंग में प्रवेश के लिए परीक्षा देने का अवसर मिलेगा। मेरिट के आधार पर 1000 छात्रों का चयन किया जाएगा, 750 विद्यार्थी सरकारी कॉलेजों से और 250 निजी छात्र कॉलेजों से होंगे।

गाँवों के वे विद्यार्थी, जिनके परिवार बच्चों को दिल्ली, चंडीगढ़ या अन्य बड़े शहरों की महंगी कोचिंग में भेजने में सक्षम नहीं हैं, और वे लड़कियां जिनके माता-पिता उन्हें बाहर भेजने से हिचकिचाते हैं, अब वे घर बैठे ही देश के विशेषज्ञ शिक्षकों से पढ़ाई कर सकेंगे।

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