नकोदर : नकोदर स्थित अलमस्त बापू लाल बादशाह जी के तीन दिवसीय वार्षिक मेले के अंतिम दिन हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी दरबार में पहुंचे। दोपहर करीब 2 बजे उनके आगमन पर प्रबंधक कमेटी और भाजपा नेताओं ने उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने दरबार में माथा टेककर देश और प्रदेश की शांति, समृद्धि एवं आपसी भाईचारे की कामना की।
अपने संबोधन में नायब सैनी ने कहा कि जिस तरह हरियाणा लगातार विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है, उसी तरह उनकी कामना है कि पंजाब भी एक बार फिर देश का नंबर-1 राज्य बने और पहले से अधिक तेज़ी से प्रगति करे। उन्होंने बापू लाल बादशाह जी की गरीबों और जरूरतमंदों की सेवा की भावना को प्रेरणादायी बताते हुए दरगाह की आध्यात्मिक महिमा का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने पंजाब के लोगों के प्रति अपनापन जताते हुए कहा कि यदि पंजाब के किसी व्यक्ति या हरियाणा में रहने वाले उनके रिश्तेदारों का कोई काम हो, तो वे बेझिझक उनसे संपर्क करें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि एक भाई के नाते उनकी हरसंभव मदद की जाएगी। कार्यक्रम की सबसे खास बात तब रही जब मुख्यमंत्री नायब सैनी ने अपना पूरा संबोधन शुद्ध और सहज पंजाबी भाषा में दिया। उनकी पंजाबी सुनकर दरबार परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। मंच संचालक ने भी उनकी भाषा की सराहना करते हुए कहा कि उन्हें सुनकर ऐसा लगा मानो वे हरियाणा नहीं, बल्कि पंजाब के ही मुख्यमंत्री हों।
इस अवसर पर प्रबंधक कमेटी ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, पूर्व सांसद सुनीता दुग्गल और पूर्व मंत्री असीम गोयल को शॉल और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में साईं हंस दरवेश, पूर्व सांसद सुशील कुमार रिंकू, जगबीर बराड़, मनीष धीर, शेफी चावला, दविंदर कलेर, अजय बजाज और आदित्य भटारा सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
