पेपर लीक पर फास्ट-ट्रैक कोर्ट के पीएम मोदी के ऐलान पर DU का समर्थन : सोनम वांगचुक से कहा- अनशन खत्म करें

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नई दिल्ली । देश के लाखों छात्रों के भविष्य और प्रतियोगी परीक्षाओं में हो रही धांधलियों को लेकर मचे घमासान के बीच केंद्र सरकार ने एक बेहद सख्त रुख अपनाया है। नीट (NEET) और अन्य परीक्षाओं के पेपर लीक मामले पर देशभर में गहराते आक्रोश के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐलान किया है कि दोषियों को तुरंत और सख्त से सख्त सजा दिलाने के लिए फास्ट-ट्रैक अदालतें बनाई जाएंगी।

पीएम मोदी के इस फैसले के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी ने जहां सरकार के इस कदम की तारीफ करते हुए लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से अपना अनशन समाप्त करने की गुजारिश की है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट किया कि युवाओं का भविष्य और उनका कल्याण ही सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक में शामिल लोगों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और इसके लिए जल्द से जल्द फास्ट-ट्रैक अदालतें गठित की जाएंगी। पीएम मोदी ने संबंधित अधिकारियों और विभागों को इस दिशा में तुरंत जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।

दिल्ली यूनिवर्सिटी की सोनम वांगचुक से अपील

प्रधानमंत्री के इस ऐलान के तुरंत बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी की तरफ से भी प्रतिक्रिया सामने आई। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने आधिकारिक एक्स अकाउंट से ट्वीट कर केंद्र सरकार के इस कदम का स्वागत किया। दिल्ली यूनिवर्सिटी ने अपने बयान में लिखा कि फास्ट-ट्रैक अदालतों का गठन यह साबित करता है कि सरकार युवाओं के हितों को केंद्र में रखकर काम कर रही है। इसी ट्वीट के जरिए यूनिवर्सिटी प्रशासन ने लद्दाख में छात्रों और जनहित के मुद्दों को लेकर अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से खास अपील भी कर दी। डीयू ने लिखा कि शांति और सकारात्मक माहौल बनाए रखने के हित में सोनम वांगचुक को अपना अनशन समाप्त कर देना चाहिए। यूनिवर्सिटी का कहना था कि हमारे छात्रों का बेहतर भविष्य ही पूरे देश का भविष्य तय करता है।

विपक्ष का उग्र विरोध

इस बाबद दूसरी ओर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं ने इस मुद्दे पर सरकार की मंशा पर सवाल उठाए हैं। दिल्ली के जंतर-मंतर पर लंबे समय से जारी छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बीच राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री के फैसले पर पलटवार करते हुए उन्हें ही इस संकट के लिए जिम्मेदार ठहराया। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में शिक्षा व्यवस्था का पूरी तरह से नुकसान हुआ है। उन्होंने सरकार पर पेपर लीक के जिम्मेदार लोगों को संरक्षण देने का आरोप लगाया। इतना ही नहीं, कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने छात्रों के समर्थन में प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च भी निकाला था। इस दौरान सुरक्षा बलों और विपक्षी नेताओं के बीच धक्का-मुक्की हुई, जिसके बाद नेताओं को कुछ देर के लिए हिरासत में लिया गया था।

 

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