तकनीकी शिक्षा मंत्री ने स्वामी विवेकानंद राजकीय महाविद्यालय घुमारवीं के विद्यार्थियों से किया संवाद
एएम नाथ। घुमारवीं (बिलासपुर) 08 अगस्त : नगर व ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि विद्यार्थियों को अपने शैक्षणिक ज्ञान के साथ-साथ आत्म-विकास, संचार कौशल, नेतृत्व क्षमता और आत्मनिर्भरता पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए। राजेश धर्माणी आज स्वामी विवेकानंद राजकीय महाविद्यालय, घुमारवीं में आयोजित संवाद कार्यक्रम के दूसरे दिन बीए, बीकॉम और बीएससी द्वितीय एवं तृतीय वर्ष तथा स्नातकोत्तर कक्षाओं के विद्यार्थियों के साथ संवाद कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास से ही एक बेहतर और सशक्त समाज का निर्माण संभव है। संवाद कार्यक्रम आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों की आकांक्षाओं, अपेक्षाओं तथा उनके सीखने के स्तर को जानना है। साथ ही उनमें आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, संचार कौशल, सामाजिक जागरूकता, सकारात्मक सोच तथा आत्मनिर्भरता की भावना को भी प्रोत्साहित करना है।
राजेश धर्माणी ने कहा कि आज के बच्चों के पास आगे बढ़ने की बहुत क्षमताएं हैं, लेकिन इस दिशा में हम उस तरह का वातावरण एवं माहौल उन्हें उपलब्ध नहीं करवा पाते हैं जिसके माध्यम से वह अपनी योग्यताओं एवं क्षमताओं का सही दिशा में बेहतर एवं भरपूर इस्तेमाल करते हुए जीवन के लक्ष्यों को हासिल कर सकें।
उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता के लिए केवल डिग्री अथवा पुस्तकीय ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें अपने संचार कौशल, नेतृत्व गुण, सामूहिक चर्चा में भागीदारी, श्रवण क्षमता और सामाजिक व्यवहार को भी सुदृढ़ करना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को अच्छी पुस्तकें पढ़ने, सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी करने तथा अपने मित्र-मंडली और सामाजिक दायरे को सकारात्मक एवं व्यापक बनाने का भी आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि जीवन में कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है, बशर्ते उसे प्राप्त करने के लिए व्यक्ति पूरी लगन, निरंतरता और एकाग्रता के साथ प्रयासरत रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी विशेषताओं और कमियों की पहचान कर निरंतर आत्म-सुधार की दिशा में भी अग्रसर रहने को प्रेरित किया। उन्होंने विद्यार्थियों को गहन चिंतक बनने तथा विषय पर गंभीरतापूर्वक विचार करने की आदत विकसित करने की भी सलाह दी।
उन्होंने मोबाइल फोन के सकारात्मक उपयोग पर बल देते हुए कहा कि मोबाइल का प्रयोग केवल मनोरंजन तक सीमित न रखें, बल्कि इसे ज्ञानवर्धन, अधिगम और आत्म-विकास का माध्यम बनाएं। उन्होंने विद्यार्थियों को योग एवं खेलों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने तथा शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने के लिए भी प्रेरित किया।
उन्होंने संवाद के दौरान आत्मनिर्भरता, स्वरोजगार, खेल, व्यक्तित्व विकास, समाज सेवा, नेतृत्व क्षमता और जीवन में लक्ष्य निर्धारण जैसे विभिन्न विषयों पर विद्यार्थियों के साथ विस्तृत चर्चा करते हुए विद्यार्थियों को अपने लिए उपयुक्त आदर्श चुनने तथा उनके सकारात्मक गुणों से प्रेरणा लेने की भी सलाह दी।
इस बीच विद्यार्थियों ने मंत्री राजेश धर्माणी के समक्ष विभिन्न प्रश्न एवं जिज्ञासाएं रखीं, जिनका उन्होंने सहजता एवं मार्गदर्शक भाव से उत्तर देते हुए जीवन में निरंतर सीखते रहने, आत्मविश्वास बनाए रखने और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। संवाद के दौरान विद्यार्थियों की समस्याओं एवं सुझावों की जानकारी भी ली गई तथा संबंधित विषयों पर आवश्यक मार्गदर्शन एवं समाधान प्रदान किया गया।
अगले पांच या दस वर्ष बाद स्वयं को कहां देखना चाहते हैं विषय पर निबंध लिखने को कहा
संवाद सत्र के दौरान तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने विद्यार्थियों को अगले पांच या दस वर्ष बाद स्वयं को कहां देखना चाहते हैं विषय को लेकर एक निबंध लिखने को भी कहा। उन्होंने कहा कि बेहतरीन निबंध लिखने वाले विद्यार्थियों को आगामी जिला स्तरीय सीर उत्सव में पुरस्कृत किया जाएगा।
इस अवसर पर कॉलेज के प्राचार्य प्रो. प्रीतम लाल सहित कॉलेज के अन्य अध्यापक भी मौजूद रहे।
