बैंक वाहन के उपयोग, नई इनोवा की खरीद और आउटसोर्स कर्मचारी की तैनाती पर उठे सवाल
एक्स-ग्रेशिया व ₹1.43 लाख TA/DA भुगतान की स्वतंत्र जांच की उठी आवाज
एएम नाथ। सोलन : जोगिंद्रा केंद्रीय सहकारी बैंक, सोलन के प्रबंध निदेशक (MD) पंकज सूद के कार्यकाल को लेकर बैंक के भीतर और बाहर कई सवाल उठाए जा रहे हैं। शिकायतकर्ता अधिवक्ता मुकेश कुमार शर्मा ने बैंक वाहन के उपयोग, आउटसोर्स कर्मचारी की नियुक्ति, एक्स-ग्रेशिया भुगतान, प्रशिक्षण के नाम पर TA/DA तथा नई इनोवा गाड़ी की खरीद सहित विभिन्न मामलों की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच की मांग की है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि MD द्वारा बैंक वाहन का प्रतिदिन करीब 90 से 100 किलोमीटर उपयोग किया जा रहा है। इससे बैंक पर प्रतिमाह लगभग 20 से 25 हजार रुपये का वित्तीय भार पड़ने का दावा किया गया है। आरोप है कि वाहन चालक MD को लेकर रोजाना परवाणू से सोलन और सोलन से परवाणू तक आवागमन करता है। साथ ही चालक की परवाणू में नियुक्ति को भी बैंक की आउटसोर्स नीति के प्रावधानों के विपरीत बताया गया है। शिकायतकर्ता ने वाहन उपयोग, चालक की नियुक्ति और उससे होने वाले वित्तीय खर्च की जांच की मांग की है।
शिकायत में वर्ष 2025 में RCS की स्वीकृति नहीं मिलने के बावजूद नई इनोवा गाड़ी खरीदे जाने का भी आरोप लगाया गया है। दावा किया गया है कि इस वाहन का उपयोग बैंक के चेयरमैन द्वारा व्यक्तिगत कार्यों के लिए किया जाता है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।
इसके अलावा आउटसोर्स कर्मचारी रोशन को करीब तीन वर्षों तक RCS, शिमला के एक अधिकारी के पास रखे जाने और वेतन बैंक से दिए जाने पर भी सवाल उठाए गए हैं। शिकायतकर्ता के अनुसार बाद में कर्मचारी को बैंक वापस बुलाया गया।
अधिवक्ता शर्मा ने पूरे मामले की स्वतंत्र जांच कर संभावित वित्तीय नुकसान का आकलन करने और नियमों के उल्लंघन की स्थिति में जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। उन्होंने वर्तमान MD के कार्यकाल को पूर्व MD ताशी सैंडुप के बाद का “सबसे खराब कार्यकाल” बताया है। हालांकि, लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और MD पंकज सूद अथवा बैंक प्रबंधन का आधिकारिक पक्ष सामने आना अभी बाकी है।
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एक्स-ग्रेशिया और TA/DA भुगतान पर भी सवाल
अधिवक्ता मुकेश कुमार शर्मा ने MD को कथित तौर पर प्रत्येक वर्ष दिए जाने वाले एक्स-ग्रेशिया भुगतान का नियम स्पष्ट करने की मांग की है। उनका सवाल है कि यदि बैंक नियमों के तहत इसका अधिकार केवल नियमित कर्मचारियों को है, तो MD को भुगतान किस प्रावधान के तहत किया गया।
वहीं, आरोप है कि पिछले वर्ष प्रशिक्षण के लिए पंकज सूद ने करीब 1.43 लाख रुपये TA/DA का दावा किया। शिकायतकर्ता ने इस भुगतान की वैधता और नियमों के आधार पर इसकी जांच की मांग की है।
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निदेशक ने भी पहले उठाया था मामला
बैंक निदेशक विजय ठाकुर ने 6 दिसंबर 2025 को MD से जुड़े मामलों को लेकर शिकायत दी थी। इसके बाद 27 जनवरी 2026 को पहला और 3 मार्च 2026 को दूसरा रिमाइंडर भेजा गया। इनमें बैंक वाहन के उपयोग, आवागमन, एक्स-ग्रेशिया और गिफ्ट राशि से जुड़े नियमों पर स्पष्टीकरण एवं कार्रवाई की मांग की गई थी।
