हार्पिक पिलाकर हत्या का आरोप, पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल; जांच अधिकारी ASI बोधराज सस्पेंड
जालंधर/धूरी। सेंट सोल्जर कॉलेज की लेक्चरर नेहा बस्सी की संदिग्ध मौत के मामले में बड़ी कार्रवाई सामने आई है। सूत्रों के अनुसार पुलिस ने नेहा के पति उमंग बस्सी और सास कुसुम बस्सी को मध्यप्रदेश के उज्जैन से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उनके साथ नेहा की छह वर्षीय बेटी को भी बरामद किया है। हालांकि, गिरफ्तारी को लेकर पुलिस की ओर से अभी औपचारिक पुष्टि किया जाना बाकी है।
थाना करतारपुर के एसएचओ गुरप्रीत सिंह ने मामले में कुछ भी बताने से इनकार करते हुए वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क करने को कहा है।
गर्लफ्रेंड के पति ने लगाए गंभीर आरोप
मामले में आरोपी उमंग बस्सी की कथित गर्लफ्रेंड सतपाल कौर के पति विशाल शर्मा भी सामने आए हैं। विशाल ने दावा किया कि उन्होंने करीब 11 वर्ष पहले सतपाल कौर से प्रेम विवाह किया था और उनकी नौ साल की बेटी है।
विशाल के अनुसार, सतपाल और उमंग बचपन में एक साथ पढ़े थे और करीब तीन साल पहले फेसबुक के माध्यम से दोबारा संपर्क में आए। इसके बाद दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई। विशाल का दावा है कि कुछ समय बाद उन्हें दोनों के कथित संबंधों के बारे में जानकारी मिली।
उन्होंने दावा किया कि 3 फरवरी 2026 को अचानक घर पहुंचने पर उन्हें कुछ आपत्तिजनक सामान मिला और पत्नी के मोबाइल की जांच करने पर उमंग और सतपाल के बीच बातचीत सामने आई। विशाल का आरोप है कि करीब 206 पन्नों की व्हाट्सऐप चैट में दोनों ने कथित तौर पर अपने-अपने जीवनसाथियों से छुटकारा पाने की योजना पर चर्चा की थी। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
ससुर ने भी लगाए आरोप
सतपाल कौर के ससुर प्रद्युम्न कुमार ने भी गंभीर आरोप लगाए हैं। नेहा के अंतिम संस्कार के दौरान उन्होंने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम से दो परिवारों के बच्चों का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने बच्चों की कस्टडी उचित परिवार को दिए जाने की मांग की।
प्रद्युम्न कुमार ने यह भी आरोप लगाया कि उनके परिवार के साथ कई कानूनी विवाद चल रहे हैं और उमंग बस्सी की ओर से उनके खिलाफ झूठे मामले दर्ज करवाए गए हैं। उन्होंने उमंग को राजनीतिक संरक्षण मिलने की बात भी कही, हालांकि इस आरोप की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
जांच अधिकारी बोधराज सस्पेंड
मामले में पुलिस ने जांच अधिकारी ASI बोधराज को निलंबित कर दिया है। आरोप है कि 19 अगस्त को अस्पताल में भर्ती नेहा के मामले में 23 अगस्त तक पर्याप्त कार्रवाई नहीं की गई। 23 अगस्त को नेहा की मौत के बाद मामला सामने आया और पुलिस ने कार्रवाई तेज की।
नेहा की भाभी दिव्या ने आरोप लगाया कि उन्हें 20 अगस्त को नेहा की गंभीर हालत की जानकारी मिली थी। जालंधर पहुंचने के बाद उन्होंने करतारपुर थाने में शिकायत देने का प्रयास किया, लेकिन कथित तौर पर जांच अधिकारी ने शिकायत रिसीव नहीं की।
परिवार का दावा है कि मौत से पहले दिए गए बयान में नेहा ने भी अपने पति के खिलाफ पहले की शिकायतों और पुलिस कार्रवाई न होने का जिक्र किया था। इन दावों की पुष्टि आधिकारिक जांच और संबंधित दस्तावेज सामने आने के बाद ही हो सकेगी।
अंतिम संस्कार के बाद निकाला कैंडल मार्च
नेहा बस्सी का 25 अगस्त को धूरी में अंतिम संस्कार किया गया। परिवार के सदस्यों और समर्थकों ने आरोपियों की गिरफ्तारी में देरी के विरोध में कैंडल मार्च निकाला। परिजनों ने चेतावनी दी कि यदि आरोपियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे सड़कों पर उतरकर आंदोलन और चक्का जाम करने को मजबूर होंगे।
फिलहाल पुलिस की जांच का केंद्र नेहा की मौत की परिस्थितियों, कथित जहरीला पदार्थ पिलाने के आरोप, आरोपी व्यक्तियों की भूमिका और दोनों परिवारों के बीच सामने आए विवादों पर है। गिरफ्तारियों और आरोपों की आधिकारिक पुष्टि तथा पोस्टमार्टम/फॉरेंसिक जांच के निष्कर्षों के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
