जिला कांगड़ा में 11 जगह स्थापित हैं आईटीएमएस, एनएच के दुर्घटना संभावित जंक्शनों को सुरक्षित बनाने के निर्देश
धर्मशाला, 7 सितंबर। लोकसभा सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी ढंग से अंकुश लगाने के लिए यातायात नियमों का सख्ती से पालन कराने के साथ-साथ व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन और पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि इसमें आम जनता की सक्रिय भागीदारी भी आवश्यक है।
सोमवार को जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए सांसद ने अधिकारियों को सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए।
2025 में 111 और 2026 में अब तक 87 लोगों की मौत
बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार जिला कांगड़ा में वर्ष 2025 के दौरान सड़क दुर्घटनाओं में 111 लोगों की मौत हुई, जबकि 101 लोग गंभीर और 380 लोग मामूली रूप से घायल हुए। वर्ष 2026 में अब तक 87 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 78 लोग गंभीर और 359 लोग मामूली रूप से घायल हुए हैं।
डॉ. भारद्वाज ने कहा कि देश में प्रतिवर्ष करीब डेढ़ लाख लोगों की सड़क दुर्घटनाओं में मौत होती है, जिनमें बड़ी संख्या 18 से 45 वर्ष आयु वर्ग के लोगों की होती है। उन्होंने कहा कि हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य में सड़क दुर्घटनाओं की चुनौती अधिक गंभीर है।
93 प्रतिशत दुर्घटनाओं के पीछे मानवीय भूल
सांसद ने कहा कि बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार करीब 93 प्रतिशत सड़क दुर्घटनाओं में मानवीय भूल प्रमुख कारण सामने आती है। इसलिए केवल चालान और जुर्माने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा। लोगों को सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक करना सबसे जरूरी है।
उन्होंने परिवहन विभाग, एचआरटीसी और निजी बस ऑपरेटरों से चालकों व परिचालकों के लिए नियमित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने को कहा। उन्होंने बसों को सड़क के बीच खड़ा कर सवारियां उतारने पर भी चिंता जताई।
11 स्थानों पर आईटीएमएस, अन्य जगह भी बढ़ाने पर जोर
डॉ. भारद्वाज ने बताया कि जिला कांगड़ा में 11 स्थानों पर इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) स्थापित किए जा चुके हैं। उन्होंने अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर भी इस व्यवस्था को विकसित करने पर जोर दिया, ताकि यातायात नियमों की निगरानी बेहतर हो सके।
उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्गों पर दुर्घटना संभावित जंक्शनों की पहचान कर वहां साइन बोर्ड, ब्लिंकर लाइट और अन्य सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
आईटीआई शाहपुर के पास फुट ओवरब्रिज की संभावना तलाशने के निर्देश
सांसद ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर आईटीआई शाहपुर के समीप विद्यार्थियों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा के लिए फुट ओवरब्रिज बनाने की संभावना तलाशने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थानों के आसपास विद्यार्थियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
दुर्घटना पीड़ित को गोल्डन ऑवर में अस्पताल पहुंचाना जरूरी
डॉ. भारद्वाज ने कहा कि सड़क दुर्घटना के बाद शुरुआती एक घंटा यानी गोल्डन ऑवर घायल व्यक्ति की जान बचाने के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने लोगों से दुर्घटना पीड़ितों की सहायता के लिए आगे आने की अपील की।
उन्होंने बताया कि राहवीर योजना के तहत दुर्घटना पीड़ित को समय पर अस्पताल पहुंचाकर उसकी जान बचाने में मदद करने वाले व्यक्ति को प्रशस्ति पत्र और 25 हजार रुपए का नकद पुरस्कार दिया जाता है।
उन्होंने सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए 1.50 लाख रुपए तक के निःशुल्क उपचार संबंधी सुविधा के बारे में भी व्यापक जागरूकता फैलाने को कहा। जरूरत पड़ने पर सहायता के लिए टोल-फ्री नंबर 112 का उपयोग किया जा सकता है।
आवारा पशुओं और वाहन फिटनेस पर भी चर्चा
बैठक में सड़कों पर घूमने वाले आवारा पशुओं से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए पशु मालिकों को जागरूक करने पर भी जोर दिया गया।
सांसद ने स्वचालित परीक्षण स्टेशन (एटीएस) को लेकर कहा कि वाहन फिटनेस जांच नियमानुसार और पारदर्शी तरीके से की जानी चाहिए, ताकि वाहन मालिकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने वाहन फिटनेस जांच के लिए लोगों को दूर न जाना पड़े, इसके लिए अधिक एटीएस केंद्र खोलने के संबंध में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री से चर्चा करने की बात कही।
बैठक में उपायुक्त हेमराज बैरवा ने जिला कांगड़ा में सड़क सुरक्षा को लेकर किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। इससे पहले आरटीओ विकास जमवाल ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया और सड़क सुरक्षा से संबंधित विभिन्न बिंदुओं की जानकारी दी।
बैठक में पुलिस अधीक्षक कुलभूषण वर्मा, विभिन्न उपमंडलों के एसडीएम, पुलिस एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति के गैर-सरकारी सदस्य उपस्थित रहे।
