117 विधानसभा सीटों को कवर करेगी यात्रा, 30 सितंबर को जालंधर में अमित शाह की महारैली के साथ होगा समापन
पठानकोट। भारतीय जनता पार्टी ने नशे के खिलाफ अपने राज्यव्यापी अभियान ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ का शुभारंभ पठानकोट से किया। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने विशेष रूप से पहुंचकर यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
नशे के खिलाफ 5 प्रमुख संकल्प
अभियान के दौरान भाजपा की ओर से नशे के खिलाफ पांच प्रमुख संकल्प लिए गए। इनमें नशा तस्करों के नेटवर्क पर कार्रवाई, नशीले पदार्थों की आपूर्ति श्रृंखला तोड़ना, नशे के कारोबार से जुड़े काले धन को जब्त करना, पीड़ितों का पुनर्वास एवं नि:शुल्क इलाज तथा सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं को साथ जोड़कर इस लड़ाई को जन-आंदोलन बनाना शामिल है।
117 सीटों से गुजरेगी यात्रा
भाजपा के अनुसार यह यात्रा अगले 13 दिनों में करीब 4000 किलोमीटर की दूरी तय करेगी और पंजाब की सभी 117 विधानसभा सीटों को कवर करेगी। यात्रा का समापन 30 सितंबर को जालंधर में आयोजित महारैली के साथ होगा। इसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संबोधित करने की बात कही गई है।
‘संकल्प लिया है तो पूरा करके दम लेंगे’
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नितिन नवीन ने कहा कि भाजपा का कार्यकर्ता जब कोई संकल्प लेता है तो उसे पूरा करके ही दम लेता है। उन्होंने धारा 370 हटाने तथा आतंकवाद और नक्सलवाद के खिलाफ हुई कार्रवाइयों का भी उल्लेख किया।
बिट्टू पर हमले की निंदा
यात्रा में शामिल होने आ रहे भाजपा नेता रवनीत सिंह बिट्टू पर हुए हमले की नितिन नवीन ने निंदा की। उन्होंने कहा कि ऐसे हमलों से कार्यकर्ताओं का हौसला नहीं टूटेगा और नशे के खिलाफ शुरू किए गए अभियान को किसी भी हमले या साजिश से रोका नहीं जा सकता।
‘नशा पंजाब का अदृश्य दुश्मन’
नितिन नवीन ने कहा कि नशा आज पंजाब के सामने बड़ी चुनौती बन चुका है। उनके अनुसार यह ऐसा अदृश्य दुश्मन है जो घरों और गांवों तक पहुंचकर परिवारों को प्रभावित कर रहा है। उन्होंने पठानकोट की ऐतिहासिक धरती से नशे के खिलाफ नई लड़ाई का संकल्प लेने की बात कही।
पीड़ित परिवारों से मिले भाजपा नेता
कार्यक्रम के दौरान भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने विभिन्न जिलों से पहुंचे नशा पीड़ित परिवारों के साथ बंद कमरे में बैठक की और उनकी समस्याएं सुनीं। परिवारों ने नशे के कारण अपने बच्चों को खोने का दर्द साझा किया। कई परिजनों ने कहा कि उन्हें मुफ्त बिजली या आटा-दाल से ज्यादा अपने बच्चों की सुरक्षा और पंजाब को नशामुक्त देखने की जरूरत है।
