एएम नाथ। शिमला/किन्नौर। हिमाचल प्रदेश के किन्नौर में कांग्रेस के संगठनात्मक पुनर्गठन को लेकर पार्टी के भीतर मतभेद एक बार फिर सामने आए हैं। राजस्व एवं बागवानी मंत्री और किन्नौर से कांग्रेस विधायक जगत सिंह नेगी ने नई जिला कांग्रेस कमेटी (DCC) के गठन पर सवाल उठाते हुए पुराने और जमीनी कार्यकर्ताओं की अनदेखी का आरोप लगाया है।
नेगी ने दावा किया कि नई 56 सदस्यीय जिला कांग्रेस कमेटी में किन्नौर के लंबे समय से पार्टी के लिए काम करने वाले कई कार्यकर्ताओं को उचित प्रतिनिधित्व नहीं मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि संगठन में ऐसे लोगों को भी स्थान दिया गया है, जो पहले कांग्रेस के सक्रिय संगठनात्मक ढांचे का हिस्सा नहीं रहे हैं। ‘स्लीपर सेल’ और ‘जयचंद’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल भी उन्होंने अपने आरोपों के संदर्भ में किया है।
पुरानी कार्यकारिणी को लेकर सवाल
नेगी ने सवाल उठाया कि पहले यह बताया जाना चाहिए कि पुरानी कार्यकारिणी का क्या हुआ। उनका कहना है कि किन्नौर में कांग्रेस संगठन को खड़ा करने में पुराने कार्यकर्ताओं ने लंबे समय तक मेहनत की है और नए संगठनात्मक ढांचे में उनकी भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
‘पैराशूट नेताओं’ को लेकर भी निशाना
मंत्री ने नई संगठनात्मक व्यवस्था पर टिप्पणी करते हुए ‘पैराशूट नेताओं’ को जिम्मेदारी दिए जाने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि पार्टी के मुश्किल दौर में साथ खड़े रहे कार्यकर्ताओं को संगठन में पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए।
किन्नौर जिला कांग्रेस अध्यक्ष के पद पर निगम भंडारी की नियुक्ति को लेकर नेगी पहले भी सार्वजनिक रूप से असहमति जता चुके हैं। जून 2026 में भंडारी की नियुक्ति के बाद नेगी ने इसे लेकर नाराजगी व्यक्त की थी और लंबे समय से काम कर रहे कार्यकर्ताओं की राय को महत्व देने की बात कही थी।
ब्लॉक कमेटियां भंग करने पर भी सवाल
नेगी ने किन्नौर की ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों को भंग किए जाने के फैसले पर भी सवाल उठाए हैं। सितंबर की शुरुआत में कांग्रेस हाईकमान ने किन्नौर DCC के साथ कल्पा, निचार और पूह ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों को भंग किया था, जबकि निगम भंडारी को जिला अध्यक्ष पद पर बरकरार रखा गया था।
नेगी ने अपने परिवार के कांग्रेस से पुराने जुड़ाव का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके पिता ने उस समय पार्टी के लिए काम किया, जब किन्नौर में कांग्रेस का संगठन मजबूत नहीं था। उन्होंने कहा कि वह स्वयं भी कई दशकों से पार्टी के साथ जुड़े हुए हैं और किन्नौर से लगातार चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे हैं।
