कंपनी की गाड़ियों से माल ढुलाई पर भड़की ट्रांसपोर्ट सोसाइटी, गेट पर सांकेतिक धरना; समाधान नहीं हुआ तो 120 ट्रकों के साथ अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी
ईसपुर। उद्योग के लिए जमीन देने वाले स्थानीय लोगों के ट्रकों को माल ढुलाई से बाहर रखे जाने के आरोपों को लेकर ईसपुर में ट्रक ऑपरेटरों का आक्रोश सामने आया। दी हिम ट्रक ऑपरेटर को-ऑपरेटिव ट्रांसपोर्ट सोसाइटी लिमिटेड ईसपुर से जुड़े करीब 120 ट्रक ऑपरेटरों ने कोरो सेफ प्राइवेट लिमिटेड, पंडोगा के गेट के बाहर सांकेतिक धरना देकर रोष जताया।
ट्रांसपोर्ट ऑपरेटरों का आरोप है कि कंपनी अपनी गाड़ियों से माल ढुलाई कर रही है और बाहर से भी वाहन मंगवाए जा रहे हैं, जबकि स्थानीय ऑपरेटर बैंक से लाखों रुपये का कर्ज लेकर ट्रक चला रहे हैं। उनका कहना है कि माल ढुलाई का काम स्थानीय ट्रांसपोर्टरों को मिलने से ही उनकी बैंक किस्तें और परिवारों का खर्च चल सकता है।
50 लाख तक के ट्रक, हर वाहन से जुड़ी परिवार की रोजी-रोटी
सोसाइटी प्रधान पंकज दत्त ने कहा कि सोसाइटी में करीब 120 ट्रक हैं और इनमें बड़ी संख्या स्थानीय लोगों की है। कई ऑपरेटरों ने बैंक से लाखों रुपये का ऋण लेकर ट्रक खरीदे हैं। उन्होंने कहा कि ट्रक खड़े रखने के लिए नहीं, बल्कि काम करने के लिए खरीदे गए हैं और प्रत्येक वाहन के साथ एक परिवार की आजीविका जुड़ी है।
पंकज दत्त ने कहा कि स्थानीय लोगों ने उद्योगों के लिए अपनी जमीनें दी हैं और उद्योगों से होने वाले प्रदूषण तथा अन्य प्रभाव भी स्थानीय लोगों को ही झेलने पड़ते हैं। ऐसे में माल ढुलाई के काम में भी स्थानीय ट्रक ऑपरेटरों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी की ओर से पहले आश्वासन दिया गया था कि शुरुआती दौर में सैंपल भेजने के लिए कंपनी अपनी गाड़ियों का इस्तेमाल करेगी और सितंबर के बाद माल ढुलाई का काम ट्रांसपोर्ट सोसाइटी के माध्यम से करवाया जाएगा। उनका आरोप है कि अब कंपनी ने अपनी गाड़ियों की संख्या बढ़ाने के साथ बाहर से भी वाहन बुलाने शुरू कर दिए हैं।
‘उद्योगों का विरोध नहीं, स्थानीय ट्रकों को काम चाहिए’
हिमाचल ट्रक महासंघ के प्रधान सतीश कुमार गोगी ने कहा कि ट्रक ऑपरेटर उद्योगों के विरोध में नहीं हैं। उनकी मांग है कि उद्योग अधिक से अधिक चलें, उत्पादन बढ़े और स्थानीय ट्रकों को माल ढुलाई का पर्याप्त काम मिले।
उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों ने उद्योगों के लिए जमीन दी और ट्रक ऑपरेटरों ने 50-50 लाख रुपये तक का कर्ज लेकर वाहन खरीदे हैं। ऐसे में स्थानीय स्तर पर उपलब्ध माल ढुलाई के काम में उन्हें अवसर मिलना चाहिए, ताकि वे बैंक की किस्तें समय पर चुका सकें और परिवारों का पालन-पोषण कर सकें।
शुक्रवार से 120 ट्रकों के साथ आंदोलन की चेतावनी
सोसाइटी प्रधान पंकज दत्त ने बताया कि कंपनी प्रबंधन के साथ बातचीत हुई है। प्रबंधन ने आश्वासन दिया है कि कंपनी के एमडी वीरवार तक पहुंचेंगे और उनके तथा ट्रांसपोर्ट सोसाइटी के बीच बैठक होगी। इस बैठक में माल ढुलाई को लेकर समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि फिलहाल धरना सांकेतिक है। यदि शुक्रवार तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला तो सोसाइटी से जुड़े करीब 120 ट्रकों के साथ कंपनी गेट के बाहर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा। उन्होंने प्रशासन से भी मामले में हस्तक्षेप कर स्थानीय ट्रक ऑपरेटरों की समस्या का समाधान करवाने की मांग की।
कंपनी बोली—वीरवार तक माल ढुलाई रहेगी बंद
कंपनी के प्रबंधक जगमोहन राणा ने कहा कि ट्रांसपोर्ट सोसाइटी के साथ बातचीत हुई है। कंपनी के एमडी वीरवार तक पहुंच जाएंगे और उनके तथा ट्रांसपोर्ट सोसाइटी के बीच बैठक के बाद समस्या का समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने बताया कि तब तक माल ढुलाई का कार्य बंद रहेगा।
धरने में पंकज दत्त, कांग्रेस किसान जिला अध्यक्ष अमित पाल गोगी, गांव प्रधान हरिनारायण, यूनियन कोषाध्यक्ष नवाब खान, मनोज जसवाल, शुभम जसवाल, संजय खान, मोनू शर्मा, पन्ना सिंह, विश्वदीप, जसवंत राय, अली मोहम्मद, तेलू राम, चमन लाल, नीरज कुमार, कर्ण सैनी, राजिंदर पाल, कपिल लबड, बलराम सिंह, पवन कुमार सहित बड़ी संख्या में ट्रक ऑपरेटर, यूनियन सदस्य और स्थानीय लोग मौजूद रहे।
