दुष्कर्म मामले में नामजद चावला पर धार्मिक संस्थाओं में आजीवन रोक; अश्लील चैट के आरोप में एडिशनल हेड ग्रंथी मलकीत सिंह पर भी कार्रवाई
अमृतसर। श्री अकाल तख्त साहिब के सचिवालय में रविवार, 20 सितंबर को पांच सिंह साहिबान की बैठक के बाद अमरजीत सिंह चावला और श्री अकाल तख्त साहिब के एडिशनल हेड ग्रंथी ज्ञानी मलकीत सिंह को पंथ से निष्कासित करने का फैसला सुनाया गया। दोनों पर धार्मिक मर्यादा के उल्लंघन से जुड़े आरोपों को लेकर यह कार्रवाई की गई। फैसले के अनुसार दोनों किसी भी सिख धार्मिक संस्था में सेवा या पद पर नहीं रह सकेंगे।
अमरजीत सिंह चावला के खिलाफ श्री आनंदपुर साहिब थाने में 21 अगस्त को बीएनएस की धारा 64, 127(2) और 351(2) के तहत मामला दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता महिला ने दुष्कर्म, गलत तरीके से बंधक बनाने और धमकी देने के आरोप लगाए हैं। चावला ने इन आरोपों को झूठा और साजिश बताते हुए खारिज किया है और अदालत में अपनी बेगुनाही साबित करने की बात कही है।
बैठक में कार्यकारी जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज सहित पांच सिंह साहिबान मौजूद रहे। विचार-विमर्श के बाद अकाल तख्त की फसील से फैसला सुनाया गया। फैसले में चावला के खिलाफ लगे गंभीर आरोपों और सिख रहित मर्यादा के प्रावधानों का उल्लेख किया गया। उन्हें तब तक खालसा पंथ से खारिज रखने की बात कही गई है, जब तक वह निर्दोष साबित होकर श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष पेश नहीं होते।
वहीं ज्ञानी मलकीत सिंह के खिलाफ अश्लील चैट से जुड़े आरोपों को लेकर कार्रवाई की गई। इससे पहले शिकायत में नाम आने के बाद एसजीपीसी ने उन्हें और तख्त श्री केसगढ़ साहिब के ड्राइवर मोहन सिंह को निलंबित कर जांच के आदेश दिए थे।
इससे पहले चावला ने एसजीपीसी सदस्यता और शिरोमणि अकाली दल के पदों से इस्तीफा देने की घोषणा की थी। उन्होंने सार्वजनिक रूप से आरोपों को निराधार बताते हुए कहा था कि वह कानूनी प्रक्रिया के दौरान अपनी स्थिति स्पष्ट करेंगे।
