मंडी में एनएचएआई अधिकारियों से बैठक, सड़क परियोजनाओं से जुड़ी समस्याओं के समाधान के निर्देश
एएम नाथ। मंडी : पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के आठ वर्ष पूरे होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई दी। मंडी से जारी बयान में उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत ने देश के गरीब और जरूरतमंद लोगों को गंभीर बीमारियों के इलाज पर होने वाले भारी खर्च से राहत दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि योजना के तहत पात्र परिवारों को प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये तक का कैशलेस स्वास्थ्य कवर उपलब्ध कराया जा रहा है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि योजना के विस्तार के तहत 70 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को भी आयुष्मान वय वंदना कार्ड के माध्यम से स्वास्थ्य सुरक्षा के दायरे में लाया गया है। उन्होंने कहा कि देशभर में बड़ी संख्या में सरकारी और निजी अस्पताल योजना से जुड़े हैं, जिससे लाभार्थियों को देश के किसी भी संबद्ध अस्पताल में उपचार की सुविधा मिल रही है। उन्होंने आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के माध्यम से प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को लोगों के नजदीक पहुंचाने की बात भी कही।
उन्होंने हिमाचल में पूर्व भाजपा सरकार द्वारा शुरू की गई हिमकेयर योजना का जिक्र करते हुए कहा कि इससे आयुष्मान भारत से छूटे परिवारों को पांच लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश की वर्तमान कांग्रेस सरकार हिमकेयर योजना को बंद करने की दिशा में काम कर रही है।
इस अवसर पर एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी कर्नल अजय सिंह और प्रोजेक्ट डायरेक्टर वरुण चारी मौजूद रहे। जयराम ठाकुर ने अधिकारियों के साथ अपने विधानसभा क्षेत्र के विकास कार्यों की भी समीक्षा की और विधायक प्राथमिकता तथा आपदा राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
—————–
एनएचएआई अधिकारियों से समस्याओं पर चर्चा
इससे पहले जयराम ठाकुर ने मंडी में एनएचएआई के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं से प्रभावित लोगों की समस्याओं पर चर्चा की। उन्होंने कीरतपुर-मनाली और पधर-मंडी मार्ग के निर्माण से पैदा हो रही दिक्कतों का जल्द समाधान करने के निर्देश दिए। बैठक में नेरचौक के डडोर चौक और नागचला फ्लाईओवर, मंडी-पंडोह के बीच नई टनलों, पंडोह-थलौट क्षेत्र में डयोड, हनोगी पुल व मंदिर मार्ग तथा शालानाल के समीप बॉक्स टनल निर्माण से जुड़े मुद्दे उठाए गए। उन्होंने झिड़ी फ्लाईओवर से प्रभावित स्थानीय लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए जल्द बैठक करने को कहा। प्रतिनिधिमंडलों ने अधिकारियों के समक्ष अपनी समस्याएं रखीं।
