एएम नाथ। शिमला, 27 सितंबर। हिमाचल प्रदेश सरकार ने पूर्व सैनिकों, युद्ध विधवाओं, रक्षा कर्मियों के आश्रितों और वीरता पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं के कल्याण के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 में 17.09 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता और अनुदान प्रदान किए। इससे कुल 2,263 लाभार्थियों को लाभ मिला।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि सैनिकों और उनके परिवारों का कल्याण सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। सरकार का प्रयास है कि संकट के समय सैनिक परिवारों को समय पर आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाई जाए।
968 लाभार्थियों को 6.13 करोड़ की पेंशन
वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत 968 लाभार्थियों को 6.13 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की गई। वहीं, राज्य के 1,084 वीरता पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं के सम्मान में 3 करोड़ रुपये जारी किए गए।
ड्यूटी के दौरान शहीद या दिव्यांग हुए रक्षा कर्मियों के 57 आश्रितों को 7.62 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता दी गई। इसके अलावा 154 वार-जागीर लाभार्थियों को 20.83 लाख रुपये तथा पुणे और मोहाली स्थित पैराप्लेजिक पुनर्वास केंद्रों को 6 लाख रुपये की सहायता प्रदान की गई।
जवान की मृत्यु पर परिजन को 75 हजार की तत्काल सहायता
सरकार के अनुसार, सेवा के दौरान किसी जवान की मृत्यु होने पर उसके निकटतम परिजन को तत्काल सहायता के रूप में 75 हजार रुपये दिए जाते हैं। सैनिक कल्याण भवनों के रखरखाव के लिए भी 6.74 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है।
सरकार का कहना है कि इन योजनाओं का उद्देश्य पूर्व सैनिकों, वीरता पुरस्कार विजेताओं और सैनिक परिवारों को आर्थिक सुरक्षा तथा जरूरत के समय आवश्यक सहायता उपलब्ध करवाना है।
