चंडीगढ़ । पंजाब की दो प्रमुख निजी यूनिवर्सिटियों में करीब 48 घंटे के भीतर हुए छात्र प्रदर्शनों ने राज्य में निजी शिक्षण संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था और सोशल मीडिया पर फैलने वाली अपुष्ट सूचनाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU), फगवाड़ा में एक छात्रा के कथित यौन उत्पीड़न के आरोप को लेकर प्रदर्शन हिंसक हो गया, जबकि चितकारा यूनिवर्सिटी, राजपुरा में दो छात्राओं की कथित मौत से जुड़ी सोशल मीडिया पोस्ट के बाद छात्रों ने विरोध किया।
दोनों मामलों में एक महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित दावों और जांच में सामने आए तथ्यों के बीच अंतर है। LPU मामले में पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज कर सात सदस्यीय SIT बनाई है, लेकिन पुलिस ने अभी आरोप की पुष्टि नहीं की है। दूसरी ओर, चितकारा यूनिवर्सिटी ने दो छात्राओं की मौत के दावे को खारिज किया है और पटियाला पुलिस ने भी किसी छात्र के लापता होने की पुष्टि नहीं की है।
LPU में रात से शुरू हुआ विरोध, NH-44 तक पहुंचा मामला
LPU में रविवार तड़के गर्ल्स हॉस्टल से जुड़े एक कथित यौन उत्पीड़न के दावे के बाद छात्र एकत्र होने लगे। छात्रों के बीच यह बात फैली कि एक बाहरी व्यक्ति ने हॉस्टल में प्रवेश कर छात्रा के साथ यौन उत्पीड़न किया। छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर समय पर कार्रवाई नहीं करने के आरोप भी लगाए।
इसके बाद प्रदर्शन विश्वविद्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार और जालंधर-फगवाड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग तक पहुंच गया। स्थिति बिगड़ने पर पथराव, तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं हुईं तथा पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव हुआ। पुलिस के अनुसार कई पुलिस वाहनों को नुकसान पहुंचा और कुछ वाहनों में आग लगाए जाने की घटना भी सामने आई।
FIR दर्ज, लेकिन आरोप अभी जांच के घेरे में
पुलिस ने छात्रों की शिकायत के आधार पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज किया है। जांच के लिए सात सदस्यीय SIT गठित की गई है। पुलिस CCTV फुटेज, फोरेंसिक साक्ष्य, कॉल रिकॉर्ड और अन्य उपलब्ध सामग्री की जांच कर रही है।
महत्वपूर्ण रूप से, पुलिस की प्रारंभिक जांच में उस स्थान पर कथित घटना की पुष्टि नहीं हुई थी। Indian Express के अनुसार, पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिस हॉस्टल कमरे में घटना का दावा किया गया, वहां मौजूद तीन छात्राओं ने ऐसी घटना होने से इनकार किया था। हालांकि, जांच अभी जारी है और अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
LPU प्रशासन ने आरोपों को बताया गलत
विश्वविद्यालय प्रशासन ने कथित यौन उत्पीड़न के आरोपों को गलत और निराधार बताया है। LPU ने छात्रों और अभिभावकों से अपुष्ट सूचनाएं प्रसारित नहीं करने की अपील की है।
पुलिस ने भी जांच पूरी होने से पहले सोशल मीडिया पर चल रहे दावों को तथ्य मानने से बचने की बात कही है। फिलहाल पुलिस का फोकस घटनास्थल के CCTV फुटेज, फोरेंसिक सामग्री और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने पर है।
प्रदर्शन के बाद 10 दिन के लिए कक्षाएं बंद
हिंसक घटनाओं के बाद LPU ने 28 सितंबर से 10 दिनों के लिए नियमित कक्षाएं स्थगित कर दी हैं। मिड-टर्म परीक्षाएं भी अगले आदेश तक टाल दी गई हैं। छात्रों को अपने घर जाने की अनुमति दी गई, जबकि परिसर में रहने वाले छात्रों को हॉस्टल या आवासीय परिसर में रहने और अनावश्यक रूप से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी गई।
चितकारा में ‘दो छात्राओं की मौत’ की अफवाह से मचा हड़कंप
LPU से करीब एक दिन पहले चितकारा यूनिवर्सिटी के राजपुरा परिसर में भी छात्रों का विरोध सामने आया। सोशल मीडिया पर संदेश प्रसारित हुआ कि गर्ल्स हॉस्टल से जुड़ी घटना में दो छात्राओं की कथित तौर पर मौत हो गई है। इसके बाद बड़ी संख्या में छात्र स्पष्टीकरण की मांग को लेकर एकत्र हुए।
हालांकि, चितकारा यूनिवर्सिटी ने स्पष्ट किया कि गर्ल्स हॉस्टल में किसी छात्रा की आत्महत्या या मौत नहीं हुई है। पटियाला पुलिस ने भी कहा कि किसी छात्र के लापता होने की पुष्टि नहीं हुई है। इस कारण दो छात्राओं की मौत संबंधी सोशल मीडिया दावे फिलहाल अपुष्ट हैं।
विरोध में पुलिस वाहन और परिसर में तोड़फोड़
स्पष्टीकरण की मांग को लेकर हुए प्रदर्शन के दौरान स्थिति बिगड़ गई। पुलिस के अनुसार परिसर में तोड़फोड़ हुई और एक पुलिस वाहन को नुकसान पहुंचाया गया। घटना के बाद पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया और मामले में बाहरी लोगों की संभावित भूमिका सहित विभिन्न पहलुओं की जांच शुरू की।
1 अक्टूबर तक शैक्षणिक गतिविधियां स्थगित
चितकारा यूनिवर्सिटी ने 28 सितंबर से 1 अक्टूबर तक नियमित शैक्षणिक गतिविधियां स्थगित कर दी हैं। इस अवधि को ‘नॉन-टीचिंग वर्किंग डेज’ घोषित किया गया है। शिक्षक और कर्मचारी प्रशासनिक कार्यों के लिए परिसर में उपस्थित रहेंगे। 2 अक्टूबर को राष्ट्रीय अवकाश और 3-4 अक्टूबर को सप्ताहांत होने के बाद नियमित कक्षाएं 5 अक्टूबर से शुरू होने की जानकारी दी गई है।
महिला आयोग ने दोनों मामलों में रिपोर्ट मांगी
पंजाब राज्य महिला आयोग ने LPU और चितकारा यूनिवर्सिटी में हुए घटनाक्रम का संज्ञान लेते हुए संबंधित जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने LPU मामले में FIR, SIT और जांच की स्थिति के साथ-साथ छात्राओं के हॉस्टल में CCTV, सुरक्षा व्यवस्था और प्रवेश-निकास की निगरानी संबंधी जानकारी भी मांगी है।
दोनों घटनाओं को जोड़ने का अभी कोई प्रमाण नहीं
लगातार दो विश्वविद्यालयों में छात्र विरोध के कारण दोनों घटनाओं को लेकर चर्चाएं तेज हैं, लेकिन उपलब्ध पुलिस और प्रशासनिक जानकारी में LPU और चितकारा यूनिवर्सिटी के घटनाक्रम के बीच किसी प्रत्यक्ष संबंध की पुष्टि नहीं हुई है।
फिलहाल LPU में कथित यौन उत्पीड़न का मामला SIT की जांच में है, जबकि चितकारा में दो छात्राओं की मौत से संबंधित दावे पुष्ट नहीं हुए हैं। ऐसे में दोनों मामलों में अंतिम निष्कर्ष जांच और आधिकारिक तथ्यों के आधार पर ही निकलेगा।
