रोजगार, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल और ग्रामीण विकास पर जनता को जवाब देने की मांग; SIR पर बोले—हर पात्र नागरिक का मताधिकार सुरक्षित रहना चाहिए
एएम नाथ। शिमला : । जिला परिषद शिमला के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह सिसोदिया ने हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार से विकास और जनहित से जुड़े मुद्दों पर अपना रिपोर्ट कार्ड जनता के सामने रखने की मांग की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से अधिक रोजगार, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में सरकार के कामकाज का जवाब चाहती है।
सोमवार को शिमला में पत्रकारों से बातचीत में सिसोदिया ने कहा कि सरकार को सार्वजनिक करना चाहिए कि उसके कार्यकाल में युवाओं के लिए कितने रोजगार के अवसर पैदा हुए और ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं में कितना सुधार हुआ। उन्होंने पंचायतों और जिला परिषदों को उपलब्ध कराए जा रहे संसाधनों की स्थिति भी सार्वजनिक करने की मांग की।
‘पहाड़ में सड़क-पानी सबसे बड़ा जनमुद्दा’
सिसोदिया ने कहा कि हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य में सड़क और पेयजल जैसी सुविधाएं सीधे आम लोगों के जीवन से जुड़ी हैं। स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में भी जनता सरकार के कामकाज का आकलन कर रही है।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देने के लिए पंचायतों और जिला परिषदों को पर्याप्त वित्तीय एवं अन्य संसाधन उपलब्ध कराना जरूरी है।
चुनाव आयोग को लेकर कांग्रेस पर लगाए राजनीतिक भ्रम के आरोप
सिसोदिया ने कांग्रेस पर चुनाव आयोग और चुनावी प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक भ्रम पैदा करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है, लेकिन ऐसे मामलों में सार्वजनिक बहस तथ्यों, आधिकारिक रिकॉर्ड और कानूनी आधार पर होनी चाहिए।
SIR पर बोले—पात्र मतदाता का अधिकार सुरक्षित रहे
मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का जिक्र करते हुए सिसोदिया ने कहा कि मतदाता सूची को अद्यतन करने की प्रक्रिया के दौरान हर पात्र नागरिक का मताधिकार सुरक्षित रहना चाहिए।
उन्होंने कांग्रेस से SIR को लेकर आपत्ति होने की स्थिति में ठोस तथ्य और आधिकारिक आधार जनता के सामने रखने की मांग की।
‘जनता को सरकार के काम का हिसाब चाहिए’
सिसोदिया ने कहा कि हिमाचल की जनता राजनीतिक बयानबाजी से अधिक सरकार की उपलब्धियों, विकास कार्यों और आगामी कार्ययोजना की जानकारी चाहती है। उनके अनुसार, सरकार को जनहित से जुड़े मुद्दों पर स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए, ताकि जनता उसके कामकाज का आकलन कर सके।
