गढ़शंकर। सिविल सर्जन होशियारपुर डॉ. मनदीप कमल के दिशा-निर्देशों के तहत सीएचसी बीनेवाल में एसएमओ डॉ. निर्मल कुमार की अगुवाई में लोगों को डेंगू बुखार से बचाव संबंधी जागरूक किया गया। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बताया कि डेंगू एक वायरल बीमारी है, जो एडीज मच्छर के काटने से फैलती है। यह मच्छर सामान्यतः साफ और जमा हुए पानी में पनपता है तथा दिन के समय काटता है।
लोगों को सलाह दी गई कि घरों और आसपास पानी जमा न होने दें। कूलरों का पानी कम से कम सप्ताह में एक बार बदलकर उन्हें अच्छी तरह सुखाएं। पानी की टंकियों और बर्तनों को ढककर रखें। गमलों की प्लेटों, फ्रिज की ट्रे, पुराने टायरों, टूटे बर्तनों तथा अन्य ऐसी जगहों की नियमित सफाई करें, जहां पानी जमा हो सकता है। मच्छरों से बचाव के लिए पूरी आस्तीन के कपड़े पहनने, मच्छर भगाने वाली क्रीम का इस्तेमाल करने तथा घरों के दरवाजों और खिड़कियों पर जालियां लगाने की सलाह भी दी गई।
स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि तेज बुखार, सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, शरीर या जोड़ों में दर्द तथा त्वचा पर लाल चकत्ते जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय जांच करवानी चाहिए। डेंगू के संदिग्ध मरीज को डॉक्टर की सलाह के बिना एस्पिरिन या आइबुप्रोफेन जैसी दवाएं नहीं लेनी चाहिए।
लोगों से अपील की गई कि डेंगू की रोकथाम के लिए प्रत्येक सप्ताह ड्राई डे’ मनाते हुए घरों और आसपास पानी जमा होने वाली जगहों की सफाई करें। स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि सामूहिक जागरूकता और स्वच्छता के माध्यम से डेंगू के प्रसार को रोकने में मदद मिल सकती है।
इस अवसर पर डॉ. गुरप्रताप सिंह, डॉ. तरनवीर सिंह, डॉ. सन्नी चौधरी, फार्मेसी अधिकारी नम्रता, स्टाफ नर्स राजबीर कौर, सुनीता, रेडियोग्राफर राज रानी, एलटी सुखजिंदर सिंह, धर्मिंदर सिंह, परमजीत सिंह और जसविंदर कुमार सहित सीएचसी बिनेवाल का समूचा स्टाफ मौजूद रहा।
133 : डॉ. गुरप्रताप सिंह, डॉ. तरनवीर सिंह, डॉ. सन्नी चौधरी, फार्मेसी अधिकारी नम्रता व अन्य जागरूकता कैंप दौरान।
