पीएम श्री स्कूल रोहड़ू में मुख्यमंत्री ने किया बच्चों से संवाद; स्कूल भवन के लिए 2 करोड़ रुपये की घोषणा, खेल सुविधाओं और स्मार्ट क्लासरूम पर भी दिया आश्वासन
एएम नाथ। रोहड़ू। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने गुरुवार को रोहड़ू स्थित पीएम श्री सीनियर सेकेंडरी स्कूल (सीबीएसई) में विद्यार्थियों से संवाद किया। इस दौरान बच्चों ने मुख्यमंत्री से शिक्षा, खेल, स्कूल सुविधाओं, शिक्षकों के व्यवहार से लेकर रोहड़ू शहर की समस्याओं और उनके व्यक्तिगत जीवन से जुड़े सवाल भी बेबाकी से पूछे।
स्कूल में सुविधाओं की कमी को लेकर एक छात्रा के सवाल पर मुख्यमंत्री ने नई बिल्डिंग के लिए 2 करोड़ रुपये की सहायता उपलब्ध करवाने की घोषणा की। उन्होंने स्कूल में आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने की बात भी कही।
‘टीचर मारते थे, लेकिन अब बच्चों को प्यार से समझाएं’
संवाद के दौरान एक छात्र ने मुख्यमंत्री से पूछा कि उन्होंने स्कूलों में शिक्षकों को विद्यार्थियों को मारने से क्यों मना किया है। इस पर सुक्खू ने अपने स्कूल के दिनों का जिक्र करते हुए कहा कि जब वे पढ़ते थे, तब शिक्षक उन्हें भी डांटते और मारते थे। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की डांट और मार्गदर्शन से ही वे आगे बढ़े।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब शिक्षकों को बच्चों को मारने के बजाय प्यार से समझाना और डांटना चाहिए। उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि जरूरत पड़े तो थोड़ा बहुत कान भी पकड़ सकते हैं।
खेलों के लिए कोच और सुविधाओं की मांग
एक विद्यार्थी ने स्कूल में खेल गतिविधियों के लिए कोच और अन्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने की मांग रखी। मुख्यमंत्री ने इस पर आवश्यक सहयोग और सुविधाएं उपलब्ध करवाने का आश्वासन दिया।
राजीव गांधी डे बोर्डिंग स्कूलों में सुविधाओं से जुड़े सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इन स्कूलों के लिए एसओपी तैयार किए जा रहे हैं। अगले शैक्षणिक सत्र से स्मार्ट क्लासरूम सहित आवश्यक आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करवाने की दिशा में काम किया जा रहा है।
‘रोहड़ू का व्यवस्था परिवर्तन कब होगा?’
संवाद के दौरान एक छात्र ने मुख्यमंत्री के सामने रोहड़ू शहर की हिमुडा कॉलोनी की समस्या रखी। छात्र ने कहा कि बरसात में यहां कीचड़ के कारण लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है, जबकि गर्मियों में यही कीचड़ धूल में बदल जाता है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी पैदा होती हैं।
छात्र ने मुख्यमंत्री से सवाल किया कि जब शहर की यह स्थिति है तो दूरदराज के क्षेत्रों में क्या हालात होंगे और ‘व्यवस्था परिवर्तन’ की बात करने वाली सरकार में रोहड़ू का व्यवस्था परिवर्तन कब होगा?
मुख्यमंत्री ने जवाब दिया कि जब कोई समस्या सरकार के ध्यान में आती है, तभी उसके समाधान की दिशा में कदम उठाए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि छात्र ने समस्या उनके ध्यान में लाई है, इसलिए इसका समाधान किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने स्थानीय विधायक के ध्यान में भी ऐसी समस्याएं लाने की बात कही।
‘मेरा सपना हिमाचल को आत्मनिर्भर बनाना’
एक विद्यार्थी ने मुख्यमंत्री से पूछा कि अब उनका सपना क्या है। सुक्खू ने जवाब दिया कि उनका सपना हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाना और देश का सबसे अमीर राज्य बनाना है।
वहीं, एक छात्रा ने मुख्यमंत्री से पूछा कि मुख्यमंत्री बनने तक पहुंचने के दौरान उन्हें किन कठिन चुनौतियों का सामना करना पड़ा। सुक्खू ने कहा कि कोई भी चुनौती आसान नहीं होती। उन्होंने विद्यार्थियों से मेहनत, लगन और अपने लक्ष्य पर फोकस बनाए रखने का संदेश दिया।
बच्चों की बेबाकी ने बनाया माहौल खुशनुमा
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर संवाद की तस्वीरें साझा करते हुए कहा कि बच्चों के सवालों में मासूमियत, शरारत और भविष्य को लेकर बड़ी सोच दिखाई दी। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, आधुनिक स्कूल संसाधनों, शिक्षकों के व्यवहार और राजीव गांधी डे बोर्डिंग स्कूलों समेत कई विषयों पर सवाल किए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों से समय-समय पर संवाद करना जरूरी है, क्योंकि इससे स्कूली व्यवस्था की वास्तविक स्थिति को समझने में मदद मिलती है। उन्होंने बच्चों के सवालों पर गंभीरता से विचार करने की बात कही।
इससे पहले रोहड़ू पहुंचने पर मुख्यमंत्री का बाजे-गाजे के साथ स्वागत किया गया।
