रामपुर बुशहर स्कूल में विद्यार्थियों से सीधा संवाद; शिक्षकों की गैर-शैक्षणिक ड्यूटी, नशा, पर्यटन और सामाजिक समानता पर हुए सवाल-जवाब
एएम नाथ। रामपुर बुशहर, 3 अक्तूबर। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला रामपुर बुशहर में विद्यार्थियों के साथ सीधा संवाद किया। इस दौरान विद्यार्थियों ने शिक्षा, पर्यटन, नशामुक्ति, सामाजिक समानता और शिक्षकों की गैर-शैक्षणिक ड्यूटी समेत विभिन्न मुद्दे मुख्यमंत्री के सामने रखे।
संवाद के दौरान रचौली स्कूल की एक छात्रा ने विद्यालय के नए भवन के निर्माण की मांग उठाई। छात्रा ने बताया कि स्कूल वर्तमान में दो स्थानों पर चल रहा है और एक स्थान पर भवन निर्माण के लिए पर्याप्त भूमि उपलब्ध है। मुख्यमंत्री ने मांग स्वीकार करते हुए रचौली स्कूल भवन के निर्माण के लिए 2 करोड़ रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर इससे अधिक राशि भी उपलब्ध करवाई जाएगी।
‘शिक्षकों की गैर-शैक्षणिक ड्यूटी कम करने का प्रयास’
विद्यार्थियों ने स्कूलों में शिक्षकों को लंबे समय तक गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगाए जाने का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इससे पढ़ाई प्रभावित होती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार शिक्षकों की गैर-शैक्षणिक ड्यूटी कम करने की दिशा में काम कर रही है, ताकि शिक्षक विद्यार्थियों को अधिक समय दे सकें।
एक छात्रा ने अपने स्कूल में करीब 150 विद्यार्थियों के लिए केवल एक हिंदी शिक्षक होने की समस्या भी रखी। मुख्यमंत्री ने आवश्यकतानुसार अतिरिक्त हिंदी शिक्षक उपलब्ध करवाने का आश्वासन दिया।
राजनीति से लेकर पसंदीदा भोजन तक पूछे सवाल
विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री से राजनीति में आने का कारण भी पूछा। सुक्खू ने कहा कि वह राजनीति को जनसेवा का माध्यम मानते हैं और छात्र जीवन से ही उनकी राजनीति में रुचि रही है। यह पूछे जाने पर कि यदि वह राजनीति में नहीं होते तो क्या करते, मुख्यमंत्री ने जवाब दिया कि वह खेती-बाड़ी करते।
एक विद्यार्थी ने उनके पसंदीदा भोजन के बारे में पूछा तो मुख्यमंत्री ने हिमाचली पारंपरिक व्यंजनों का उल्लेख करते हुए सिड्डू को अपना पसंदीदा व्यंजन बताया।
अयोध्या एक्सपोजर विजिट पर भी हुई चर्चा
एक छात्रा ने राज्य सरकार की ओर से करवाई गई अयोध्या एक्सपोजर विजिट का अनुभव साझा किया और पर्यटन को बढ़ावा देने को लेकर सवाल किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार प्रदेश में आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने हिमाचल की देव संस्कृति, धार्मिक स्थलों और शक्तिपीठों का उल्लेख करते हुए कहा कि पर्यटन राज्य की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है।
उन्होंने विद्यार्थियों को मोबाइल फोन का कम इस्तेमाल करने और पढ़ाई के साथ खेलों व रचनात्मक गतिविधियों में भाग लेने की सलाह दी।
मुख्यमंत्री ने दिखाई एंटी-चिट्टा रैली को हरी झंडी
संवाद कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री ने स्कूल परिसर से ‘एंटी चिट्टा’ रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और स्वयं भी रैली में शामिल हुए। बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने रैली में भाग लेकर नशे के खिलाफ संदेश दिए।
विद्यार्थियों ने हाथों में नशा विरोधी संदेशों वाली तख्तियां लेकर नारे लगाए। रैली चौधरी अड्डा से मुख्य बाजार होते हुए वापस स्कूल मैदान में पहुंचकर समाप्त हुई। समापन पर मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को नशे के खिलाफ शपथ दिलाई और नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में महाधिवक्ता अनूप रत्न, हिमकोन अध्यक्ष विकेश चौहान, मिल्कफेड अध्यक्ष बुद्धि सिंह ठाकुर, भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड अध्यक्ष नरदेव सिंह कंवर, राज्य सहकारी बैंक अध्यक्ष देवेंद्र श्याम, नशा निवारण बोर्ड के सह-संयोजक संजय भारद्वाज, पूर्व विधायक किशोरी लाल, कांग्रेस उपाध्यक्ष परस राम, कांग्रेस नेता बृज लाल, मंडल अध्यक्ष लालचंद शर्मा, उपायुक्त अनुपम कश्यप, पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।
