महिला एवं बाल विकास योजनाओं का लाभ पात्र *महिलाओं व बच्चों तक पहुंचाना सुनिश्चित करेंः अरुणा महाजन

by
सक्षम गुड़िया बोर्ड की उपाध्यक्ष ने कांगड़ा में डब्ल्यूसीडी योजनाओं की समीक्षा की*
एएम नाथ।  धर्मशाला, 8 अक्तूबर : हिमाचल प्रदेश सक्षम गुड़िया बोर्ड की उपाध्यक्ष अरुणा महाजन ने महिला एवं बाल विकास विभाग के धर्मशाला स्थित कार्यालय में विभाग की योजनाओं समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि योजनाओं
का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब इनका लाभ प्रत्येक पात्र एवं जरूरतमंद महिला और बच्चे तक समयबद्ध तरीके से पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों को जमीनी स्तर पर योजनाओं की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता गतिविधियों को और मजबूत करने के निर्देश दिए।
बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास अशोक शर्मा सहित बाल विकास परियोजना अधिकारियों (सीडीपीओ), पर्यवेक्षकों तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने भाग लिया । बैठक में महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा, संरक्षण, सशक्तिकरण तथा कल्याण से संबंधित योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई।
अरुणा महाजन ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और पर्यवेक्षकों की भूमिका योजनाओं को पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाने में अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र परिवारों की पहचान कर उन्हें योजनाओं से जोड़ा जाए तथा योजनाओं की जानकारी ग्रामीण स्तर तक पहुंचाने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाए जाएं।
उन्होंने महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में पुलिस, स्वास्थ्य, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा अन्य संबंधित विभागों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी जोर दिया।
अरुणा महाजन ने बताया कि कांगड़ा में वन स्टॉप सेंटर के माध्यम से अब तक प्राप्त 165 मामलों का निपटारा किया गया है। इसी प्रकार महिला हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त 131 मामलों का भी निपटारा किया गया। इनमें 77 मामलों में कानूनी सहायता, 55 मामलों में मनो-सामाजिक परामर्श, 31 मामलों में पुलिस सहायता तथा एक मामले में अस्थायी आश्रय उपलब्ध करवाया गया।
उन्होंने घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम, 2005 के तहत किए जा रहे कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने बताया कि जिले के 15 ब्लॉकों में 183 मामलों का आपसी सहमति से निपटारा किया गया है।
बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना की समीक्षा के दौरान अरुणा महाजन ने कहा कि कांगड़ा जिले में जन्म के समय लिंगानुपात में लगातार सुधार उत्साहवर्धक है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2023-24 में जन्म के समय लिंगानुपात 925 था, जो वर्ष 2024-25 में बढ़कर 935 तथा वर्ष 2025-26 में 938 हो गया है।
उन्होंने बताया कि जिले में प्रारंभिक गर्भावस्था पंजीकरण 87 प्रतिशत है जबकि कामकाजी महिलाओं के बच्चों की देखभाल के लिए जिले में 50 आंगनबाड़ी सह पालना (क्रेच) केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। इन केंद्रों में वर्तमान में 294 बच्चे सेवाएं प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे केंद्र कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित एवं भरोसेमंद बाल देखभाल सुविधा उपलब्ध करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
बैठक में इंदिरा गांधी सुख सुरक्षा योजना, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना, मुख्यमंत्री शगुन योजना, विशेष परिस्थितियों से संबंधित योजनाओं तथा अन्य महिला एवं बाल कल्याण योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत वर्ष 2025-26 में 179 आवेदन प्राप्त हुए और सभी 179 आवेदन स्वीकृत किए गए। वहीं मुख्यमंत्री शगुन योजना के तहत वर्ष 2026-27 में जिले में 544 लाभार्थियों के आवेदन स्वीकृत किए गए।
अरुणा महाजन ने बताया कि मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के तहत वर्तमान में 746 बच्चे लाभान्वित हो रहे हैं। योजना के विभिन्न घटकों के तहत बच्चों को सामाजिक सुरक्षा, आवास, विवाह, उच्च शिक्षा, कोचिंग तथा स्वरोजगार के लिए सहायता प्रदान की जा रही है।
उन्होंने बताया कि योजना के विभिन्न घटकों के तहत अब तक लगभग 9.54 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की गई है।
उन्होंने बताया कि इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना के तहत 0 से 18 वर्ष आयु वर्ग के 5,163 बच्चों को सहायता प्रदान की जा रही है। इनके लिए अब तक 4.34 करोड़ रुपये से अधिक की राशि वितरित की गई है। वहीं 18 से 27 वर्ष आयु वर्ग के पात्र युवाओं को उच्च शिक्षा, व्यावसायिक शिक्षा, छात्रावास तथा अन्य आवश्यक सहायता उपलब्ध करवाई जा रही है।
अरुणा महाजन ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि महिला एवं बाल विकास विभाग की सभी योजनाओं की नियमित समीक्षा के साथ-साथ उनके क्रियान्वयन की जमीनी स्तर पर भी प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जाए, ताकि कोई भी पात्र महिला, बच्चा या परिवार सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।
Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
हिमाचल प्रदेश

मनरेगा कनवर्जेंस से बनेंगे 49 आंगनवाड़ी भवन, भवनों के लिए मनरेगा के माध्यम से 8-8 लाख रुपये : हेमराज बैरवा

हमीरपुर 22 सितंबर। उपायुक्त हेमराज बैरवा ने बताया कि जिला हमीरपुर में मनरेगा कनवर्जेंस से 49 आंगनवाड़ी केंद्र भवन बनाए जाएंगे। इन भवनों के लिए मनरेगा के माध्यम से 8-8 लाख रुपये, 15वें वित्त...
article-image
हिमाचल प्रदेश

यातायात के नियमों की अनुपालना के लिए चलाया अभियान

एएम नाथ। हमीरपुर 17 जनवरी। सड़क सुरक्षा माह-2026 के उपलक्ष्य पर शनिवार को एसडीएम कार्यालय हमीरपुर ने पुलिस के सहयोग से एक विशेष अभियान चलाया। एसडीएम संजीत सिंह ने बताया कि यातायात के नियमों...
article-image
हिमाचल प्रदेश

उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ ने किया जिला वार्षिक ऋण योजना का शुभारंभ

वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान जिला में 3865.98 करोड़ रुपये के ऋण आवंटन का लक्ष्य एएम नाथ। हमीरपुर 07 अप्रैल। उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ ने मंगलवार को जिला वार्षिक ऋण योजना का शुभारंभ किया। इस...
article-image
हिमाचल प्रदेश

1,43,951 उपभोक्ताओं को 326 उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से उपलब्ध करवाया जा रहा सस्ता राशन : महेन्द्र पाल गुर्जर

रोहित जसवाल।  ऊना, 16 दिसम्बर :  सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत 326 उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से जिला के 1,43,951 राशन कार्ड धारकों को लाभान्वित किया जा रहा है। यह जानकारी अतिरिक्त...
Translate »
error: Content is protected !!