महिला चिकित्सक को निलंबित करने की मांग पर अड़े परिजन; ऊना-हमीरपुर मार्ग पर लगा लंबा जाम, पुलिस बल तैनात
ऊना। हिमाचल प्रदेश के क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में प्रसव के दौरान महिला और उसके नवजात बच्चे की मौत का मामला शनिवार को फिर गरमा गया। टांडा मेडिकल कॉलेज से महिला का शव ऊना के लालबत्ती चौक पहुंचते ही परिजनों ने सड़क पर प्रदर्शन शुरू कर दिया। इससे ऊना-हमीरपुर मार्ग पर यातायात बाधित हो गया और सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
प्रदर्शनकारी परिजन संबंधित महिला चिकित्सक को निलंबित करने की मांग पर अड़े रहे। स्थिति को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस और प्रशासन की ओर से प्रदर्शनकारियों को शांत करने के प्रयास किए जाते रहे। प्रदर्शन के चलते वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। खबर लिखे जाने तक प्रदर्शन जारी था।
उपचार में लापरवाही का आरोप, चिकित्सक के खिलाफ एफआईआर
इससे पहले शुक्रवार को महिला और नवजात की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल में हंगामा किया था। उन्होंने संबंधित महिला चिकित्सक पर उपचार में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया था। परिजनों की शिकायत के आधार पर चिकित्सक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। वहीं, अस्पताल प्रबंधन ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की है।
शुक्रवार को भी घंटों चला था हंगामा
शुक्रवार सुबह करीब 10:30 बजे शुरू हुआ हंगामा शाम करीब 4:30 बजे तक चलता रहा। इस दौरान गुस्साए लोगों ने अस्पताल परिसर में तोड़फोड़ की और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की थी। शनिवार को शव ऊना पहुंचने के बाद परिजनों का आक्रोश दोबारा सामने आया। उन्होंने सड़क पर उतरकर चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई।
मामले में चिकित्सक पर लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है। मौत के कारणों और उपचार में किसी तरह की लापरवाही हुई या नहीं, इसका निर्धारण जांच के बाद ही हो सकेगा।
