CEC ज्ञानेश कुमार पर लोकतंत्र को कुचलने का आरोप, SIR के विरोध में एकजुट विपक्ष; पवन खेड़ा बोले—लोकतंत्र बचाने के लिए उठाएंगे आवाज
नई दिल्ली। चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जारी विपक्षी अभियान के बीच मंगलवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नई दिल्ली स्थित आवास पर INDIA गठबंधन के नेताओं, छात्र संगठनों और सिविल सोसाइटी के प्रतिनिधियों की ‘हाई टी’ बैठक हुई। बैठक में चुनावी प्रक्रिया, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और विपक्ष के आगामी आंदोलन की रणनीति पर चर्चा की गई। बैठक के बाद विपक्षी नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आंदोलन जारी रखने का संकल्प दोहराया।
बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी, शशि थरूर और सचिन पायलट सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। इसके अलावा RJD नेता तेजस्वी यादव और मनोज झा, तृणमूल कांग्रेस की महुआ मोइत्रा, समाजवादी पार्टी के सांसदों और नेताओं तथा वामपंथी दलों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।
‘पूरी ताकत से जारी रहेगा आंदोलन’
प्रेस कॉन्फ्रेंस में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की सांसद सुप्रिया सुले ने विपक्षी एकजुटता पर जोर देते हुए कहा कि सभी नेता पूरी ताकत से एक साथ हैं और आंदोलन जारी रहेगा।
विपक्षी नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर लोकतंत्र को कुचलने का आरोप लगाया। कांग्रेस समेत INDIA गठबंधन के घटक दल मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए इसे रद्द करने और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
लोकतंत्र बचाना विपक्ष का एजेंडा: पवन खेड़ा
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने बैठक के बाद गठबंधन की आगे की रणनीति को लेकर कहा कि आने वाले दिनों में आंदोलन को किस तरह आगे बढ़ाया जाए, इस पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि देश को विपक्ष से उम्मीद है कि वह अपनी आवाज उठाएगा और लोकतंत्र की रक्षा के लिए प्रयास करेगा।
बैठक में शामिल नेताओं ने इस मुद्दे पर साझा रणनीति के तहत आगे बढ़ने और विपक्ष की आवाज को मजबूत करने पर जोर दिया।
पीयूष गोयल का राहुल गांधी पर पलटवार
दूसरी ओर, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने राहुल गांधी के विरोध अभियान पर निशाना साधा। उन्होंने राहुल गांधी को कांग्रेस की लगातार चुनावी हार के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए उन्हें पार्टी के लिए सबसे बड़ा ‘रेड फ्लैग’ बताया। गोयल ने राहुल गांधी को कई सवालों के जवाब देने की चुनौती भी दी।
चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष के विरोध और भाजपा के पलटवार के बीच SIR का मुद्दा एक बार फिर राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में आ गया है। आने वाले दिनों में INDIA गठबंधन इस मुद्दे पर किस तरह आंदोलन को आगे बढ़ाता है, इस पर राजनीतिक हलकों की नजर रहेगी।
