परिवार ने नियुक्ति रद्द करने के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया; कांग्रेस नेता पवन खेड़ा समेत कई कार्यकर्ता प्रदर्शन में शामिल, मांग पूरी न होने पर देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी
नई दिल्ली। अंकिता भंडारी मामले को लेकर उत्तराखंड में जारी आक्रोश अब दिल्ली तक पहुंच गया है। दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने के विरोध में अंकिता भंडारी के माता-पिता और अन्य प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली में प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा सहित पार्टी के कई कार्यकर्ता भी पीड़ित परिवार के समर्थन में पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने अंकिता के माता-पिता, पवन खेड़ा और अन्य प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। बाद में सुबह सभी को रिहा कर दिया गया।
कांग्रेस के मुताबिक, रिहाई के बाद अंकिता के माता-पिता अपने एक रिश्तेदार के घर चले गए। प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने के बाद तिलक नगर पुलिस स्टेशन ले जाया गया था। कांग्रेस नेताओं ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि पीड़ित परिवार के साथ धक्का-मुक्की की गई।
नियुक्ति रद्द करने के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम
अंकिता के पिता ने सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि उनकी पहली मांग दुष्यंत गौतम की राज्यपाल नियुक्ति रद्द करना है। उन्होंने चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं होने पर देशभर में विरोध प्रदर्शन तेज किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी को न्याय मिलना चाहिए और जब तक न्याय नहीं मिलता, आंदोलन जारी रहेगा।
अंकिता की मां ने भी नियुक्ति रद्द होने तक विरोध जारी रखने की बात कही। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उन्हें प्रदर्शन स्थल पर बैठने नहीं दिया गया तो वे अपने घर पर भूख हड़ताल करेंगी।
सामाजिक कार्यकर्ता योगिता भयाना ने भी नियुक्ति रद्द करने की मांग करते हुए कहा कि सरकार को 24 घंटे का समय दिया गया है। उन्होंने कहा कि मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन जारी रहेगा।
पवन खेड़ा ने सरकार और पुलिस पर उठाए सवाल
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अंकिता के माता-पिता अपनी बेटी के लिए न्याय मांग रहे हैं और वे उनके साथ खड़े हैं। खेड़ा ने दुष्यंत गौतम की नियुक्ति को लेकर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि अंकिता मामले में न्याय की मांग कर रहे परिवार को हिरासत में लिया जा रहा है।
कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने दावा किया कि पुलिस ने अंकिता के माता-पिता के साथ धक्का-मुक्की की। कांग्रेस नेता रागिनी नायक ने भी पुलिस कार्रवाई की आलोचना की। ये आरोप कांग्रेस नेताओं की ओर से लगाए गए हैं।
क्या है अंकिता भंडारी हत्याकांड?
सितंबर 2022 में उत्तराखंड के ऋषिकेश के निकट वनंतरा रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करने वाली 19 वर्षीय अंकिता भंडारी की हत्या कर दी गई थी। उसका शव 24 सितंबर 2022 को चीला नहर से बरामद हुआ था। इस मामले में रिसॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य और उसके दो सहयोगियों सौरभ भास्कर तथा अंकित गुप्ता को निचली अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
अंकिता के परिवार और विभिन्न संगठनों की ओर से मामले में उस कथित ‘वीआईपी’ की पहचान सार्वजनिक करने और उसके खिलाफ कार्रवाई की मांग भी उठाई जाती रही है, जिसे लेकर आरोप है कि अंकिता पर विशेष सेवा देने का दबाव बनाया गया था।
दुष्यंत गौतम की राज्यपाल नियुक्ति के विरोध में प्रदर्शन कर रहे परिवार और समर्थकों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, उनका आंदोलन जारी रहेगा।
