चंडीगढ़। पंजाब में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD), चंडीगढ़ ने 15 अक्टूबर को राज्य में भारी से बहुत भारी बारिश, ओलावृष्टि, गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका जताई है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जबकि कुछ स्थानों पर हवा के झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है।
बुधवार रात तरनतारन जिले के पट्टी में ओलावृष्टि हुई, जबकि गुरुवार सुबह पठानकोट, जालंधर और मानसा में बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, 16 अक्टूबर से राज्य में मौसम की गतिविधियां कमजोर पड़ने के आसार हैं।
इन जिलों में ओलावृष्टि की आशंका
मौसम विभाग के जिला-स्तरीय पूर्वानुमान के मुताबिक, पठानकोट, गुरदासपुर, होशियारपुर, नवांशहर, लुधियाना, फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर, पटियाला और मोहाली में ओले गिरने की आशंका है। इन जिलों में कई स्थानों पर बारिश भी हो सकती है।
वहीं, अमृतसर, कपूरथला, जालंधर और संगरूर में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है। इसके अलावा तरनतारन, फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, मुक्तसर, मोगा, बठिंडा, बरनाला और मानसा में भी कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। हालांकि, बारिश और ओलावृष्टि की तीव्रता सभी जिलों में एक जैसी रहने की संभावना नहीं है।
किसानों की बढ़ी चिंता, खुले धान को ढकने की सलाह
धान की कटाई और खरीद के सीजन में बारिश किसानों के लिए परेशानी बढ़ा सकती है। खेतों में खड़ी फसल के साथ-साथ मंडियों में खुले में रखा धान भी भीगने से प्रभावित हो सकता है। इससे धान की गुणवत्ता खराब होने और खरीद व ढुलाई में देरी का खतरा है।
किसानों और आढ़तियों को सलाह दी जाती है कि खुले में रखे धान को तिरपाल से ढककर सुरक्षित करें। तेज हवाओं, बिजली गिरने और ओलावृष्टि की आशंका को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने तथा खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की जरूरत है।
