सराहन में पूर्व मुख्यमंत्री की प्रतिमा का अनावरण; उपमुख्यमंत्री बोले—आधुनिक हिमाचल के निर्माण में रहा अविस्मरणीय योगदान
रोहित ठाकुर ने कहा—‘सर्वत्र हिमाचल, सर्वत्र विकास’ की सोच ने प्रदेश को दी नई पहचान; विक्रमादित्य सिंह ने रामपुर क्षेत्र में 250 करोड़ की सड़क परियोजनाओं और ब्रॉनी खड्ड पुल के लिए 127 करोड़ रुपये की स्वीकृति का किया उल्लेख
रोहित जसवाल। / एएम नाथ। सराहन : हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय वीरभद्र सिंह की स्मृतियों को संजोने के लिए रविवार को उनकी जन्मस्थली सराहन में प्रतिमा का अनावरण किया गया। बुशहर स्पोर्ट्स कल्चर एंड एनवायरनमेंट एसोसिएशन की ओर से आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह, हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के चेयरमैन आर.एस. बाली सहित अनेक वरिष्ठ नेता और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
इस अवसर पर मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि वीरभद्र सिंह ने न केवल हिमाचल प्रदेश की राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई, बल्कि लगभग पांच दशकों तक प्रदेशवासियों के दिलों पर भी राज किया। वह दूरदर्शी राजनेता, जनसेवा के प्रति समर्पित व्यक्तित्व और आधुनिक हिमाचल प्रदेश के निर्माण में अहम भूमिका निभाने वाले नेता थे। प्रदेश के विकास में उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा।
पूरे हिमाचल में थी वीरभद्र सिंह की स्वीकार्यता
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि वीरभद्र सिंह को केवल रामपुर या रोहड़ू तक सीमित करके नहीं देखा जा सकता। ऊना, कांगड़ा, हमीरपुर, कुल्लू, आनी, पांगी, भरमौर और लाहौल-स्पीति जैसे दूरदराज क्षेत्रों तक उनकी लोकप्रियता और लोगों से आत्मीयता थी। प्रदेश के हर हिस्से में उन्हें सम्मान मिलता था। उनका राजनीतिक अनुभव व्यापक था और उन्होंने पंडित जवाहरलाल नेहरू से लेकर इंदिरा गांधी, राजीव गांधी तथा डॉ. मनमोहन सिंह सहित कई प्रधानमंत्रियों के साथ काम किया।
मुकेश अग्निहोत्री ने अपने राजनीतिक जीवन में वीरभद्र सिंह के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्हें उनके मंत्रिमंडल में काम करने का अवसर मिला, जिसे वह अपना सौभाग्य मानते हैं। उन्होंने कहा, “मैं वीरभद्र सिंह की राजनीतिक पाठशाला का विद्यार्थी रहा हूं। उनके मार्गदर्शन और सीख से ही पिछले 25 वर्षों से विधायक के रूप में जनता की सेवा करने की प्रेरणा मिली।”
उन्होंने कहा कि वीरभद्र सिंह ने अपने लंबे राजनीतिक जीवन में अनेक विधायकों, सांसदों और नेताओं को तैयार किया। उनके साथ काम करने वाले जनप्रतिनिधियों ने राजनीति की बारीकियां सीखीं और प्रदेश के विकास में योगदान दिया। मुकेश अग्निहोत्री ने वरिष्ठ नेताओं ठाकुर कौल सिंह और ठाकुर रामलाल के राजनीतिक योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उनका अनुभव नई पीढ़ी के नेताओं के लिए प्रेरणास्रोत है।
डॉ. परमार ने बनाया हिमाचल, वीरभद्र सिंह ने दिया आधुनिक स्वरूप
मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के इतिहास में डॉ. वाई.एस. परमार और वीरभद्र सिंह के योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। डॉ. परमार ने हिमाचल प्रदेश के गठन में ऐतिहासिक भूमिका निभाई, जबकि वीरभद्र सिंह ने इसे आधुनिक और विकसित स्वरूप देने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और अन्य आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के जरिए वीरभद्र सिंह ने प्रदेश को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। उनकी सोच थी कि विकास का लाभ प्रदेश के प्रत्येक व्यक्ति और हर क्षेत्र तक पहुंचे। गरीबों, कमजोर वर्गों और जरूरतमंद लोगों की सेवा उनके राजनीतिक जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल रही।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि रामपुर और रोहड़ू क्षेत्रों में हुए विकास कार्य वीरभद्र सिंह की दूरदर्शिता का प्रमाण हैं। जलविद्युत परियोजनाओं, सड़कों के विस्तार और आधारभूत ढांचे के विकास से पहाड़ी क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने में मदद मिली। उन्होंने कहा कि वीरभद्र सिंह की विरासत को सम्मान देने के लिए प्रदेश सरकार प्रतिबद्ध है। शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान पर उनकी आदमकद प्रतिमा स्थापित करना भी उनके प्रति सम्मान का प्रतीक है।
‘सर्वत्र हिमाचल, सर्वत्र विकास’ की सोच आज भी प्रासंगिक : रोहित ठाकुर
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि वीरभद्र सिंह हिमाचल प्रदेश का गौरव थे। उनकी जनकल्याणकारी नीतियों और दूरदर्शी नेतृत्व ने प्रदेश के विकास को नई दिशा दी। कभी पिछड़े पहाड़ी राज्यों में गिने जाने वाले हिमाचल प्रदेश की आज विकास मॉडल के रूप में पहचान बनाने में कई महान नेताओं का योगदान रहा है। इनमें डॉ. वाई.एस. परमार, ठाकुर रामलाल और वीरभद्र सिंह प्रमुख हैं।
रोहित ठाकुर ने कहा कि वर्ष 2003 में जब वह और मुकेश अग्निहोत्री पहली बार विधायक बने थे, उस समय वीरभद्र सिंह मुख्यमंत्री थे। उन्हें उनका मूल मंत्र ‘सर्वत्र हिमाचल, सर्वत्र विकास’ आज भी याद है। यह सोच प्रदेश के सभी क्षेत्रों तक विकास पहुंचाने की भावना को दर्शाती है।
उन्होंने कहा कि महान नेताओं के विचारों और आदर्शों को संजोना समाज का नैतिक दायित्व है। समय के साथ बदलाव जरूरी है, लेकिन विकास, जनकल्याण और जनसेवा के मूल सिद्धांतों से समझौता नहीं होना चाहिए। वीरभद्र सिंह जैसे नेताओं की विचारधारा से प्रेरणा लेकर प्रदेश की विशिष्ट पहचान को बनाए रखना आवश्यक है।
रोहित ठाकुर ने लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि केंद्रीय सड़क निधि और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना सहित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से सड़क ढांचे को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि झाकड़ी क्षेत्र के लिए लगभग 127 करोड़ रुपये की स्वीकृति विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि बेहतर सड़क नेटवर्क से ग्रामीण क्षेत्रों में संपर्क बढ़ता है और लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य तथा अन्य जरूरी सुविधाओं तक पहुंचने में मदद मिलती है।
पूरा हिमाचल वीरभद्र सिंह की कर्मस्थली रहा : विक्रमादित्य सिंह
लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि वीरभद्र सिंह को किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं किया जा सकता। पूरा हिमाचल प्रदेश उनकी कर्मस्थली रहा। वह मां भीमाकाली को अपनी आराध्य शक्ति मानते थे और राजनीतिक जीवन के उतार-चढ़ाव के बीच भी उनका आशीर्वाद लेने सराहन आते रहे।
उन्होंने कहा कि वीरभद्र सिंह की जन्मस्थली सराहन में मां भीमाकाली के प्रांगण में उनकी प्रतिमा का अनावरण उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। अष्टमी का दिन इस आयोजन के लिए विशेष महत्व रखता है, क्योंकि मुख्यमंत्री रहते हुए भी वीरभद्र सिंह अष्टमी पर मां भीमाकाली का आशीर्वाद लेने सराहन पहुंचते थे।
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि वीरभद्र सिंह छह बार हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे और उनके नेतृत्व में प्रदेश के चौमुखी विकास की मजबूत नींव रखी गई। उनकी सोच को आगे बढ़ाते हुए प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र का विकास करना सभी की जिम्मेदारी है।
रामपुर में 250 करोड़ के सड़क कार्य, ब्रॉनी खड्ड पुल के लिए 127 करोड़ स्वीकृत
विक्रमादित्य सिंह ने बताया कि रामपुर विधानसभा क्षेत्र में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत लगभग 250 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न सड़कों के उन्नयन के कार्य चल रहे हैं। इनसे ग्रामीण क्षेत्रों में संपर्क सुविधाएं बेहतर होंगी और लोगों को जरूरी सेवाओं तक पहुंचने में सुविधा मिलेगी।
उन्होंने कहा कि झाकड़ी के ब्रॉनी खड्ड पर पुल निर्माण की मांग लंबे समय से लंबित थी। इस संबंध में उन्होंने केंद्र
