कुलतार सिंह संधवां बोले- गृह मंत्री अपने राज्य में नशे की खेप पकड़े जाने पर भी दें ध्यान; कांग्रेस ने सीमा सुरक्षा और गैंगस्टरवाद को लेकर घेरा
चंडीगढ़ । केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पंजाब दौरे को लेकर राज्य में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा इस दौरे को पंजाब में भय के माहौल और गैंगस्टरवाद के खात्मे की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बता रही है, जबकि आम आदमी पार्टी (आप) और कांग्रेस ने केंद्र सरकार की जिम्मेदारियों पर सवाल उठाए हैं। विपक्षी नेताओं ने नशा तस्करी, सीमा सुरक्षा और गैंगस्टर गतिविधियों को लेकर गृह मंत्री से जवाब मांगा है।
फरीदकोट में समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए पंजाब विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री का पंजाब आना स्वागत योग्य है, क्योंकि वह देश के गृह मंत्री हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि गृह मंत्री को अपनी जिम्मेदारियां भी गंभीरता से निभानी चाहिए। संधवां ने गुजरात में नशीले पदार्थों की बड़ी खेप पकड़े जाने का उल्लेख करते हुए कहा कि नशे की समस्या पंजाब के युवाओं को बुरी तरह प्रभावित कर रही है।
प्रमोद तिवारी ने सीमा सुरक्षा पर उठाए सवाल
कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने प्रयागराज में अमित शाह के दौरे को लेकर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पंजाब में नशे के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करना और रावण का पुतला जलाना अच्छी बात है, लेकिन केंद्र सरकार को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए।
तिवारी ने कहा कि नशीले पदार्थों की तस्करी अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के पार से होती है। उन्होंने पाकिस्तान और अफगानिस्तान से नशीले पदार्थों की कथित आपूर्ति का उल्लेख करते हुए सीमा सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब सीमा सुरक्षा केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है, तो नशे के मुद्दे पर केवल पंजाब सरकार को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है। उनके मुताबिक, केंद्र को भी अपनी भूमिका की जवाबदेही लेनी चाहिए।
उदित राज ने गैंगस्टरवाद और वसूली का मुद्दा उठाया
कांग्रेस प्रवक्ता उदित राज ने भी अमित शाह पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि देश के विभिन्न हिस्सों में अपराध और जबरन वसूली की घटनाएं चिंता का विषय हैं। उन्होंने साबरमती जेल में बंद एक अपराधी के कथित अंतरराष्ट्रीय गैंग नेटवर्क का उल्लेख किया और दिल्ली-एनसीआर में व्यापारियों को धमकाए जाने तथा उनसे जबरन वसूली किए जाने के आरोप लगाए।
उदित राज ने कहा कि यदि व्यापारियों में भय का माहौल है और अपराधी नेटवर्क सक्रिय हैं, तो केंद्रीय गृह मंत्रालय को इन मामलों पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने गृह मंत्री की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि दूसरों से जवाब मांगने से पहले केंद्र सरकार को अपने स्तर पर भी कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा करनी चाहिए।
नशे और गैंगस्टरवाद पर केंद्र-विपक्ष आमने-सामने
अमित शाह के पंजाब दौरे ने नशा तस्करी, सीमा सुरक्षा और गैंगस्टरवाद के मुद्दों पर राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है। भाजपा जहां इस दौरे को पंजाब में अपराध और भय के माहौल के खिलाफ कार्रवाई से जोड़ रही है, वहीं आप और कांग्रेस केंद्र सरकार की जवाबदेही पर सवाल उठा रही हैं। अब इस दौरे के दौरान गृह मंत्री की ओर से इन मुद्दों पर दिए जाने वाले बयानों और प्रस्तावित कदमों पर राजनीतिक हलकों की नजर रहेगी।
