विजयदशमी पर गुरदासपुर, संगरूर और मानसा में मृतकों के परिजनों से मुलाकात के बाद लुधियाना में बोले केंद्रीय गृह मंत्री; नशे के मुद्दे पर पंजाब सरकार को घेरा
लुधियाना, 20 अक्टूबर। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मंगलवार को विजयदशमी के अवसर पर लुधियाना पहुंचे। यहां उन्होंने पंजाब की भगवंत मान सरकार पर निशाना साधते हुए नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों की मौत और एक आत्महत्या के मामलों को लेकर सवाल उठाए। शाह ने कहा कि गुरदासपुर, संगरूर और मानसा में पीड़ित परिवारों से मिलकर उन्हें गहरा दुख हुआ है।
शाह ने कहा कि इन तीनों मामलों में किसी परिवार ने बेटा खोया है, किसी ने भाई और किसी ने पति। उन्होंने सवाल किया कि इन परिवारों के दर्द का पंजाब सरकार के पास क्या जवाब है। उनके अनुसार, अब तक बहाने बनाने के अलावा कोई ठोस जवाब सुनने को नहीं मिला।
‘आज की विजयदशमी जीवन में कभी नहीं भूल पाऊंगा’
गृह मंत्री ने कहा कि वह अपने राजनीतिक जीवन में कई दुखद घटनाओं के बाद पीड़ित परिवारों से मिल चुके हैं, लेकिन पंजाब में लोगों ने उन्हें जो हालात बताए, वे बेहद विचलित करने वाले हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली में रिपोर्टों में जो स्थिति पढ़ी थी, परिवारों से मिलने के बाद सामने आई परिस्थितियां उससे कहीं अधिक गंभीर लगीं।
शाह ने बताया कि उन्होंने गुरदासपुर में 40 वर्षीय विक्रमजीत सिंह, संगरूर में गुलजार सिंह और मानसा में परविंदर सिंह झोटा के परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने इन मामलों का उल्लेख करते हुए कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई के चलते किसी को जान गंवानी पड़ी, जबकि एक मामले में आत्महत्या की बात सामने आई है।
‘आरोपी कितना भी बड़ा हो, कानून के हवाले करेंगे’
अमित शाह ने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने एक मामले की जांच सीबीआई को सौंपी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस मामले में जो भी आरोपी होगा, वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, उसे ढूंढकर कानून के हवाले किया जाएगा।
नशे की बरामदगी का जिक्र करते हुए शाह ने कहा कि बंदरगाहों पर 20 हजार करोड़ रुपये की ड्रग पकड़ी गई। उन्होंने सवाल किया कि क्या सरकार चाहती है कि ऐसी कार्रवाई न हो। साथ ही उन्होंने पंजाब में नशीले पदार्थों की छोटी-छोटी पुड़ियों के रूप में पहुंचने पर भी सवाल उठाए।
नशा मुक्त पंजाब की अपील का भी किया जिक्र
शाह ने कहा कि वह पहले भी पंजाब में भाजपा की नशा मुक्त पंजाब रैली को संबोधित करने आए थे। उस दौरान उन्होंने नशे के कारोबार को समाप्त करने की अपील की थी, लेकिन उनके अनुसार, इसके बजाय उन पर ही आरोप लगाए गए।
गृह मंत्री ने कहा कि नशे के खिलाफ कार्रवाई और पीड़ित परिवारों को न्याय मिलना जरूरी है। उन्होंने भरोसा जताया कि सीबीआई को सौंपे गए मामले में जांच के बाद दोषियों को कानून के अनुसार जवाबदेह बनाया जाएगा।
