लिल्ह में बिजली कटौती पर भाजपा ने उठाए सवाल, बिजली बोर्ड ने तकनीकी खराबी को बताया कारण
भाजपा नेता जय सिंह ने बिजली बोर्ड के अधिशाषी अभियंता से मिलकर उठाया मामला
एएम नाथ। चंबा : पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के चंबा दौरे के दौरान लिल्ह में आयोजित कार्यक्रम में उनके संबोधन के समय बिजली गुल होने का मामला तूल पकड़ने लगा है। भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य एवं वरिष्ठ एडवोकेट जय सिंह ने इस संबंध में बिजली बोर्ड के अधिशाषी अभियंता हंस राज से मुलाकात कर मामले की जांच करवाने और जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग उठाई।
जय सिंह ने कहा कि लिल्ह में आयोजित कार्यक्रम के दौरान जैसे ही पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का संबोधन शुरू हुआ, उसी समय बिजली गुल हो गई। उनके अनुसार करीब 18 मिनट बाद बिजली आपूर्ति बहाल हुई। उन्होंने इस घटनाक्रम पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि बिजली बोर्ड के फील्ड स्टाफ ने अधिकारियों के कहने पर जानबूझकर बिजली बंद की, ताकि पूर्व मुख्यमंत्री के संबोधन में बाधा उत्पन्न हो सके।
उन्होंने कहा कि लिल्ह के अलावा भटियात में भी पूर्व मुख्यमंत्री के संबोधन के दौरान बिजली गुल होने की घटना सामने आई। जय सिंह ने इन घटनाओं को संयोग मानने के बजाय इनकी निष्पक्ष जांच करवाने की जरूरत बताई। उन्होंने बिजली बोर्ड से जल्द जांच बैठाकर वास्तविक कारणों का पता लगाने और यदि किसी कर्मचारी की लापरवाही या जानबूझकर की गई कार्रवाई सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की।
जय सिंह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में इस तरह की कार्यप्रणाली को बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने पर ऐसे मामलों का कड़ा संज्ञान लिया जाएगा और जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह बनाया जाएगा।
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बिजली बोर्ड ने तकनीकी खराबी को बताया कारण
बिजली बोर्ड के अधिशाषी अभियंता हंस राज ने बिजली गुल होने के मामले में तकनीकी खराबी को कारण बताया। उन्होंने कहा कि लिल्ह में तकनीकी दिक्कत के चलते तारों में आग सुलग गई थी, जिसके बाद सुरक्षा के मद्देनजर बिजली आपूर्ति बंद करनी पड़ी। उनके अनुसार करीब 10 मिनट बाद बिजली बहाल कर दी गई थी।
फिलहाल बिजली गुल होने को लेकर भाजपा नेता के आरोपों और बिजली बोर्ड के स्पष्टीकरण के बीच मामले की जांच की मांग उठी है।
