रोहित जसवाल। सोलन। हिमाचल प्रदेश के सोलन में विशेष फास्ट ट्रैक पॉक्सो अदालत ने डेढ़ साल की बच्ची के यौन उत्पीड़न के मामले में दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश कनिका चावला की अदालत ने दोषी लकी कुमार पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा नहीं करने पर उसे एक साल का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।
मामला वर्ष 2022 में बद्दी का है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, पीड़िता अपने परिवार के साथ बद्दी में रहती थी। 30 अक्टूबर 2022 को दोपहर करीब दो बजे आरोपी बच्ची को घर के कमरे के पास से छत पर ले गया, जहां उसने उसके साथ यौन उत्पीड़न किया। बच्ची की मां उसे तलाशते हुए छत पर पहुंची तो बच्ची फर्श पर रोती हुई मिली। उस समय आरोपी भी उसके पास खड़ा था।
20 गवाहों के बयान से साबित हुआ मामला
घटना के बाद बच्ची के माता-पिता ने महिला पुलिस थाना बद्दी में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो अधिनियम की धारा 6 और भारतीय दंड संहिता की धारा 376 एबी के तहत मामला दर्ज किया। जांच अधिकारी एसआई कृष्णा देवी ने मामले की जांच की।
अभियोजन पक्ष ने अदालत में कुल 20 गवाहों के बयान दर्ज करवाए। गवाहों के बयानों और पेश किए गए साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराया और पॉक्सो अधिनियम की धारा 6 के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
मामले की पैरवी लोक अभियोजक सोलन चंदर कुमार नेगी ने की। दोषी लकी कुमार कांगड़ा जिले के देहरा का निवासी है।
