2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर बढ़ी सियासी हलचल, किसान यूनियन ने दिया बिना शर्त समर्थन
चंडीगढ़। पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक समीकरण बनने लगे हैं। इसी बीच शिरोमणि अकाली दल (शिअद) को भारतीय किसान यूनियन (BKU) कादियान का बिना शर्त समर्थन मिला है। अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने सोमवार को यूनियन के फैसले का स्वागत करते हुए इसे पार्टी के लिए बड़ा प्रोत्साहन बताया।
सुखबीर बादल ने कहा कि शिरोमणि अकाली दल का किसानों और ग्रामीण मजदूरों के साथ पुराना जुड़ाव रहा है। उन्होंने दावा किया कि शिअद लगातार किसानों और खेत मजदूरों के हितों की आवाज उठाती रही है। उन्होंने प्रदेश के अन्य किसान और मजदूर संगठनों से भी अकाली दल को मजबूत करने की अपील की।
बादल ने कहा कि उनकी पार्टी कृषि को लाभदायक व्यवसाय बनाने और किसानों तथा खेत मजदूरों के लंबित मुद्दों का समाधान करने के लिए नीतियां लागू करने को प्रतिबद्ध है। उन्होंने BKU कादियान के समर्थन को कृषि समुदाय के साथ पार्टी के संबंधों की मजबूती से जोड़कर देखा।
अकाली दल के वरिष्ठ नेता दलजीत सिंह चीमा ने भी किसान यूनियन के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि BKU कादियान की राज्यभर में मजबूत जमीनी पकड़ है और पंजाब की अर्थव्यवस्था में कृषि क्षेत्र की अहम भूमिका है। ऐसे में एक बड़े किसान संगठन का समर्थन पार्टी के लिए महत्वपूर्ण है।
गौरतलब है कि पंजाब में सभी राजनीतिक दल 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटे हैं। आम आदमी पार्टी ने हाल ही में 40 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की है, जिस पर सुखबीर बादल ने भी कुछ नामों को लेकर प्रतिक्रिया दी थी। चुनाव नजदीक आने के साथ ही राजनीतिक दलों के बीच समर्थन जुटाने और अपने संगठन को मजबूत करने की गतिविधियां तेज हो रही हैं।
