एएम नाथ। शिमला। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के हिमाचल प्रदेश दौरे के दौरान दिए गए बयानों को लेकर सियासी विवाद बढ़ गया है। हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश प्रवक्ता कुशल मुंगटा ने उनके बयानों की कड़ी निंदा करते हुए इसे देवभूमि का अपमान बताया है।
शिमला में मीडिया से बातचीत करते हुए मुंगटा ने कहा कि हिमंत बिस्वा सरमा ने हिमाचल दौरे के दौरान जिस तरह के बयान दिए, वे शर्मनाक हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश सामाजिक सौहार्द और आपसी भाईचारे के लिए जाना जाता है। ऐसे में इस तरह के बयानों को स्वीकार नहीं किया जा सकता।
कांग्रेस प्रवक्ता ने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष राजीव बिंदल और सांसद अनुराग ठाकुर से प्रदेश की जनता से माफी मांगने की मांग की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस बीफ या हिंदू-मुस्लिम के नाम पर राजनीति नहीं करती। पार्टी जाति और क्षेत्र के आधार पर भी लोगों को बांटने में विश्वास नहीं रखती।
पदयात्रा को सांप्रदायिक मुद्दों से जोड़ने का आरोप
मुंगटा ने आरोप लगाया कि भाजपा की ओर से आयोजित पदयात्रा को सांप्रदायिकता और हिंदू धर्म से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित किया गया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ऐसी राजनीति का विरोध करती है। हिमाचल प्रदेश की पहचान आपसी भाईचारे और सामाजिक सद्भाव से है।
उन्होंने भाजपा नेताओं से हिमंत बिस्वा सरमा के बयानों पर अपना पक्ष स्पष्ट करने और प्रदेश की जनता से माफी मांगने की मांग दोहराई।
