लखनऊ के चर्चित डॉ. रमीजुद्दीन मामले में पीड़िता के बयान से कई आरोप आए सामने; 2012 से 2025 तक शोषण, ब्लैकमेलिंग और धर्म परिवर्तन के दबाव का आरोप
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में केजीएमयू के पूर्व एमडी पैथोलॉजी छात्र डॉ. रमीजुद्दीन से जुड़े मामले में पीड़िता के बयान और पुलिस पूछताछ से कई गंभीर आरोप सामने आए हैं। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी युवतियों को प्रभावित करने के लिए मुर्गे के खून से प्रेम पत्र लिखता था और उन्हें अपने खून से लिखा हुआ बताता था। इसके अलावा उस पर यौन शोषण, मारपीट, निजी वीडियो के जरिए ब्लैकमेलिंग और धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
डांस प्रैक्टिस के बहाने फ्लैट पर बुलाने का आरोप
पीड़िता के अनुसार, मेडिकल की पढ़ाई के दौरान उसकी मुलाकात रमीज से हुई थी। वर्ष 2011 में दिवाली के दिन आरोपी ने पहली बार फोन कर उसे शुभकामनाएं दी थीं। इसके बाद दोनों के बीच बातचीत बढ़ने लगी। दिसंबर 2012 में आरोपी ने कथित तौर पर उसे आगरा के साबुन कटरा स्थित अपने फ्लैट पर डांस प्रैक्टिस के बहाने बुलाया। पीड़िता का आरोप है कि वहां उसे नशीला पेय पिलाकर जबरदस्ती की गई। बाद में आरोपी ने संदेश भेजकर माफी मांगी और शादी का भरोसा दिया।
निजी वीडियो बनाकर संभावित रिश्ते तुड़वाने का दावा
पीड़िता ने आरोप लगाया कि आरोपी ने अलग-अलग मौकों पर उसकी निजी तस्वीरें और वीडियो बनाए। वर्ष 2014 में दिल्ली के एम्स कॉलेज फेस्टिवल के दौरान भी नशीला पदार्थ देकर शारीरिक संबंध बनाने का आरोप लगाया गया है। पीड़िता के मुताबिक, वर्ष 2012 से 2025 तक शादी का भरोसा देकर उसका शोषण किया गया।
उसका दावा है कि 2016 में गर्भवती होने पर आरोपी ने शादी से इनकार कर दिया और गर्भपात का दबाव बनाया। बाद में उसकी निजी तस्वीरें संभावित मंगेतरों को भेजी गईं, जिसके चलते पांच से सात रिश्ते टूट गए।
लखनऊ में साथ रहने के दौरान मारपीट का आरोप
पीड़िता के मुताबिक, वर्ष 2023 में आरोपी के कहने पर वह लखनऊ आ गई थी। अक्टूबर में आरोपी के माता-पिता की सलाह पर दोनों एक फ्लैट में रहने लगे। आरोप है कि वहां उससे घरेलू काम करवाए जाते थे और विरोध करने पर गाली-गलौज तथा मारपीट की जाती थी। उससे खाना बनाने और सफाई के अलावा शौचालय साफ करवाने तक का काम लिया जाता था।
पीड़िता ने जून-जुलाई 2025 के दौरान उसका सिर दीवार से मारने और बेहोश होने की घटना का भी आरोप लगाया है।
धर्म परिवर्तन और निकाह के लिए दबाव बनाने का आरोप
पीड़िता का आरोप है कि वर्ष 2024 में होली से पहले आरोपी के माता-पिता ने उस पर धर्म परिवर्तन करने का दबाव बनाया। जनवरी 2025 में भी निकाह और धर्म बदलने के लिए कहा गया। आरोप है कि निजी वीडियो दिखाकर उसे बदनामी का डर पैदा किया गया।
पीड़िता के अनुसार, फरवरी में एक कमरे में काजी को बुलाकर उससे तीन बार ‘कबूल है’ कहलवाया गया। उसका दावा है कि निकाहनामा पहले से तैयार था और उस पर उससे तथा उसके पिता से हस्ताक्षर करवाए गए। इसके बाद बुर्का पहनने, मुस्लिम पहचान अपनाने और खानपान बदलने का दबाव भी बनाया गया।
मोबाइल में युवतियों के निजी वीडियो रखने का आरोप
पुलिस पूछताछ से जुड़ी जानकारी के अनुसार, आरोपी पर युवतियों के निजी वीडियो मोबाइल में रिकॉर्ड करके रखने का आरोप है। पीड़िता का दावा है कि जब किसी युवती का रिश्ता तय होता था तो आरोपी कथित तौर पर उसके निजी वीडियो होने वाले पति को भेज देता था, ताकि रिश्ता टूट जाए।
फिलहाल मामले में पीड़िता की ओर से लगाए गए गंभीर आरोपों की जांच जारी है। पुलिस की जांच और आगे की कार्रवाई से मामले के अन्य पहलुओं का खुलासा होने की उम्मीद है।
