जम्मू-कश्मीर में नेशनल कॉन्फ्रेंस के 21 विधायकों की नाराजगी की चर्चा, महाराष्ट्र में एनसीपी में नई टूट के कयास; बिहार में जेडीयू के भीतर गुटबाजी और पंजाब में भाजपा का बढ़ता सियासी गणित
नई दिल्ली। दिवाली के बाद देश की राजनीति में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। महाराष्ट्र, बिहार, जम्मू-कश्मीर और पंजाब समेत कई राज्यों में राजनीतिक गतिविधियां तेज होने के बीच सरकारों की स्थिरता, पार्टियों में संभावित टूट और नए गठबंधनों को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। कहीं विधायकों की नाराजगी की खबरें हैं तो कहीं पुराने राजनीतिक समीकरण बदलने की तैयारी दिखाई दे रही है। हालांकि, इन राज्यों में बड़े राजनीतिक उलटफेर को लेकर अभी कई दावे और अटकलें ही सामने आ रही हैं।
जम्मू-कश्मीर : 21 विधायकों की नाराजगी से उमर सरकार पर चर्चा
जम्मू-कश्मीर में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की पार्टी नेशनल कॉन्फ्रेंस को लेकर राजनीतिक हलचल की चर्चाएं तेज हैं। दावा किया जा रहा है कि पार्टी के 21 विधायक नाराज हैं और उन्होंने दिल्ली में मुलाकात के लिए समय मांगा है। इस घटनाक्रम ने उमर अब्दुल्ला की सरकार को लेकर राजनीतिक अटकलों को हवा दे दी है।
पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला के पाकिस्तान और कश्मीर को लेकर दिए गए बयान तथा अनुच्छेद 370 हटाए जाने पर नेशनल कॉन्फ्रेंस के रुख ने भी राजनीतिक बहस को तेज किया है। भाजपा लगातार 370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर में पर्यटन, निवेश और सुरक्षा की स्थिति में हुए बदलावों को अपनी उपलब्धि बताती रही है। वहीं विपक्ष इस फैसले के प्रभावों और पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग उठाता रहा है।
ऐसे में जम्मू-कश्मीर में आने वाले दिनों में राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, 21 विधायकों की बगावत और सरकार गिरने की चर्चाओं की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
महाराष्ट्र : एनसीपी में फिर टूट के संकेत, ठाकरे बंधुओं की मुलाकात भी चर्चा में
महाराष्ट्र में भी राजनीतिक गतिविधियों ने नई चर्चाओं को जन्म दिया है। उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे की मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ अलग-अलग मुलाकातों को लेकर सियासी गलियारों में कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।
इसके अलावा राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अजित पवार गुट के वरिष्ठ नेताओं छगन भुजबल और प्रफुल्ल