चंडीगढ़ : मुख्यमंत्री भगवंत मान ने दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात में ड्रोन घुसपैठ, बॉर्डर सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर चर्चा की। खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह और उसके समर्थक और अजनाला में तलवार और बंदूकें लेकर अपने एक सहयोगी की रिहाई के लिए पुलिस से भिड़ने की घटना के बाद सीएम और गृहमंत्री की पहली मुलाकात है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने गृह मंत्री अमित शाह से चंडीगढ़ में साल 2022 से पंजाब कैडर के SSP के रिक्त पद पर जल्द नियुक्ति करने पर भी चर्चा की। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर पर कंटीली तार के पास की जमीनों के संबंध में भी चर्चा की गई। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अमित शाह के समक्ष रोके गए ग्रामीण विकास फंड का मामला भी रखा। लंबे समय से पंजाब को यह फंड नहीं मिल पा रहा है। मान ने शाह से इस फंड को रिलीज करने की मांग की।
आप सरकार राज्य में कथित रूप से बिगड़ती कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर विपक्षी दलों के निशाने पर है। जहां भाजपा ने राज्य में राज्यपाल शासन की मांग की है, वहीं पंजाब कांग्रेस ने अजनाला में पुलिस कर्मियों पर हमला करने के लिए अमृतपाल सिंह और उसके समर्थकों की गिरफ्तारी की मांग की है।
मुख्यमंत्री मान के पास ही गृह मंत्रालय भी है। अजनाला की घटना के बाद सीएम ने कहा था कि उनकी सरकार राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखेगी और किसी को भी इसकी शांति भंग करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। पंजाब के आतंकवाद के दौर का जिक्र करते हुए मान ने कहा कि अतीत में काले दिनों के कारण राज्य और यहां के लोगों ने बहुत कुछ झेला है और वे केवल शांति और प्रगति चाहते हैं। मान ने यह भी कहा कि हालांकि कुछ विखंडित करने वाली ताकतें लगातार राज्य की शांति और प्रगति को पटरी से उतारने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन उनके नापाक मंसूबों को कामयाब नहीं होने दिया जाएगा।
