वाटर स्पोर्टस के लिए सबसे खूबसूरत जगह है अंदरौली : नैसर्गिक सुंदरता के कारण पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बन रहा अंदरौली

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ऊना – वाटर स्पोर्टस गतिविधियों के लिए अंदरौली पर्यटकों को तो अपनी ओर आकर्षित कर रही है, वहीं साहसिक खेलों में रूचि रखने वाले लोग भी इस तरफ आकर्षित हो रहे हैं। अंदरौली जिला ऊना से लगभग 30 किलोमीटरी की दूरी पर कुटलैहड़ विधानसभा के अंतर्गत गोविंद सागर झील के तट पर वसा एक सुंदर व शांत स्थान है जोकि धीरे-धीरे पर्यटन स्थल बनकर उभर रहा है। अंदरौली में प्रदेश के अलावा साथ लगते पड़ोसी राज्यों के पर्यटक जल क्रीडाओं के साथ-साथ यहां के प्राकृतिक सौंदर्य का भी आनंद लेने आ रहे हैं।अंदरौली में 2 से 6 मार्च तक 22वीं अखिल भारतीय पुलिस वाटर स्पोर्टस में रोईंग, कैनोइंग व कायकिंग जैसी स्पर्धाएं आयोजित की गई। इन स्पर्धाओं में देश के 19 विभिन्न राज्यों व केंद्र पुलिस बलों के 460 प्रतियोगियों ने भाग लिया जिसमें महिलाओं की 10 टीमों ने हिस्सा लिया। स्थानीय लोगों ने भी इन खेलों का भरपूर लुत्फ उठाया। गोंविद सागर झील में पहली बार आयोजित की गई राष्ट्र स्तरीय वाटर स्पोर्टस खेलों से अंदरौली के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है, इससे अंदरौली क्षेत्र को देश में एक नई पहचान मिली है। आने वाले समय में अंदरौली वाटर स्पोर्टस जैसी साहसिक खेलों का एक नया गंतव्य बनकर विश्व मानचित्र पर अपना नाम अंकित करवाने में सफल होगा। गोविंद सागर झील में जल क्रीडाएं आरंभ होने से अंदरौली क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा जिससे क्षेत्र विकास को भी पंख लगेंगे, वहीं युवाओं के लिए रोजगार/स्वरोजगार के साधन भी सृजित होंगे। झील में जल क्रीड़ाओं का आनंद लेने के लिए आने वाले पर्यटकों की सुविधा के लिए अंदरौली में एथनो बोटैनिकल पार्क बनाया गया है। वहीं गोबिंद सागर झील के किनारे निर्मित स्थानीय लोगों की आस्था का प्रतीक बाबा गरीब नाथ मंदिर श्रद्धालुओं के साथ पर्यटकों को भी अपनी ओर आकर्षित करता है। दो तलों पर बना यह मंदिर दूर से देखने पर गोबिंद सागर झील के बीचों बीच खिले हुए श्वेत कमल सा दिखाई देता है। बरसात के दिनों में मंदिर का आधा हिस्सा गोबिंद सागर झील के पानी में जलमगन हो जाता है जोकि पर्यटकों को बरबस ही अपनी ओर आकर्षित करता है, लोग नाव के माध्यम से बाबा गरीब नाथ मंदिर में माथा टेकने जाते हैं। अपनी नैसर्गिक सुंदरता के कारण यह स्थान लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

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