मुख्यमंत्री ने रिपोर्ट प्रबन्धन पोर्टल और बैठक प्रबन्धन पोर्टल लॉंच किए : रिपोर्ट प्रबंधन पोर्टल को विभागों, बोर्डों और निगमों में विभिन्न प्रकार की रिपोर्ट भेजने और निगरानी प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने के लिए तैयार किया – मुख्यमंत्री  सुखविंदर सिंह सुक्खू

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शिमला  : प्रशासनिक सुधारों की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए, मुख्यमंत्री  सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां रिपोर्ट प्रबंधन पोर्टल (आरएमपी) और बैठक प्रबंधन पोर्टल (एमएमपी) लॉन्च किए। डिजिटल प्रौद्योगिकी एवं  गवर्नेंस विभाग द्वारा विकसित किए गए यह पोर्टल संभवतः देश में अपनी तरह के पहले पोर्टल हैं। इन्हें विकसित करने का मुख्य उद्देश्य प्रशासन में निर्णय लेने, डेटा प्रबंधन और संचार में महत्वपूर्ण परिवर्तन लाना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रिपोर्ट प्रबंधन पोर्टल को विभागों, बोर्डों और निगमों में विभिन्न प्रकार की रिपोर्ट भेजने और निगरानी प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने के लिए तैयार किया गया है। इन पोर्टल में निर्णय लेने के दृष्टिगत वास्तविक समय में डेटा पहुंच की सुविधा उपलब्ध है। इस पोर्टल में एक-क्लिक पर एसएमएस और ईमेल के माध्यम से विभिन्न प्रकार के नोटिस जारी करने की सुविधा के साथ-साथ संबंधित अधिकारियों को स्वचलित रूप से अनुस्मारक और सूचनाएं भेजने की सुविधा भी उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट प्रबन्धन पोर्टल कार्यालयों को अपने रिपोर्टिंग प्रारूप अपलोड करने की अनुमति प्रदान करता है, जिससे शासन के विभिन्न स्तरों पर पहुंच सुनिश्चित होती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एमएमपी एक मानकीकृत प्रारूप में स्पष्ट व प्रामाणिक डेटा एकत्र करेगा, जिसका उद्देश्य सरकारी कामकाज में पारदर्शिता, जवाबदेही और दक्षता बढ़ाना है। एमएमपी बैठक से संबंधित नोटिस और कार्यवाही जारी करने तथा सचिवालय से क्षेत्रीय कार्यालयों तक संचार को बढ़ावा देने के लिए एक व्यापक समाधान के रूप में कार्य करेगा। यह पोर्टल बैठक की समयसीमा को सावधानीपूर्वक ट्रैक करते हुए बैठकों के निर्धारण, आयोजन एवं समय पर इन्हें सम्पन्न करने में सहायक होगा तथा बैठक की कार्रवाई व निर्णयों को रिकॉर्ड भी करेगा और बैठक के उपरान्त इन तक पहुंच भी आसान होगी। यह पोर्टल निर्णय कार्यान्वयन पर कुशल ट्रैकिंग और अनुवर्ती कार्यवाही की सुविधा भी प्रदान करता है।
ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि दोनों प्रणालियां सरकार के भीतर महत्वपूर्ण संचार, निर्णय लेने की क्षमता और डेटा प्रबंधन चुनौतियों का सफलतापूर्वक समन्वय करती हैं, जोकि आधुनिक प्रौद्योगिकी के दृष्टिगत शासन में संवेदनशीलता व समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए एक उल्लेखनीय पहल है। उन्होंने कहा कि अपने कामकाज में आधुनिक प्रौद्योगिकियों को एकीकृत करने के लिए राज्य सरकार दृढ़ता से कार्य कर रही है ताकि लोगों को इनके बेहतर परिणाम प्राप्त हो सकें।
इस अवसर पर प्रधान सलाहकार (सूचना प्रौद्योगिकी एवं नवाचार) गोकुल बुटेल, सचिव डिजिटल प्रौद्योगिकी और गवर्नेंस डॉ. अभिषेक जैन, निदेशक मुकेश रेपस्वाल और  निदेशक सूचना एवं जन संपर्क राजीव कुमार भी उपस्थित थे।

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