ABVP का 46वां प्रांतीय अधिवेशन सम्पन्न : अधिवेशन में प्रदेश के वर्तमान शैक्षणिक परिदृश्य पर गंभीर चिंता की प्रकट

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एएम नाथ । धर्मशाला, 02 नवंबर, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश का 46वां प्रांतीय अधिवेशन वीर भूमि कांगड़ा जिला की गुप्त गंगा के पावन परिसर में सम्पन्न हुआ।

प्रदेश अधिवेशन में हिमाचल प्रदेश के वर्तमान परिदृश्य एवं हिमाचल प्रदेश का वर्तमान शैक्षणिक परिदृश्य के विषय को लेकर दो प्रस्ताव भी पारित किए गए जिसमें , नशे का संकट विशेष रूप से युवाओं के बीच भयावह रूप में फैल चुका है।

चिट्टा जैसे सिंथेटिक ड्रग्स ने अनेक परिवारों को तबाह किया है। पुलिस व प्रशासन के प्रयासों के बावजूद यह समस्या लगातार बढ़ रही है। नशा निवारण बोर्ड में राजनीतिक नियुक्तियां, सेवानिवृत अधिकारियों को पुनः नियुक्तियां देना, मुख्य सचिव जैसे संजीदा पदों पर अस्थाई नियुक्तियां यही बताता है कि यह सरकार केवल और केवल मित्रों की सरकार है।वहीं धारा 118 के साथ छेड़छाड़ और कानून व्यवस्था का चरमराना भी इस सरकार की बड़ी विफलता है।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद 46वें प्रदेश अधिवेशन में प्रदेश के वर्तमान शैक्षणिक परिदृश्य पर गंभीर चिंता प्रकट की है। प्रदेश सरकार बिना किसी विचार-विमर्श के एक के बाद एक छात्र विरोधी निर्णय ले रही है। सरकार ने हर वर्ष एक लाख सरकारी नौकरी देने का आश्वासन दिया था परंतु इस गारंटी को पूरा करने में प्रदेश सरकार पूरी तरह से विफल रही है। अभी हाल ही में सरकार द्वारा हिमाचल प्रदेश के 100 सरकारी स्कूलों में सीबीएसई बोर्ड लागू करने के निर्णय का विद्यार्थी परिषद स्वागत करती है परन्तु दूसरी तरफ आए दिन सरकार अनेक शिक्षण संस्थानों को बंद करने के निर्णय ले रही है जिससे दूरदराज के क्षेत्रों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। केंद्रीय विश्वविद्यालय धर्मशाला के निर्माण कार्य के लिए आवश्यक धनराशि तुरंत उपलब्ध करवाई जाए। पिछले ढाई वर्षों में शिक्षण संस्थानों में राजनीतिक हस्तक्षेप बढ़ाकर शिक्षण संस्थानों को कमजोर करने का कुप्रयास किया जा रहा है। परिषद सरकार को आगाह करती है कि शिक्षण सस्थानों को राजनीति का अखाड़ा न बनाएं और इनकी स्वायतता बहाल करें। गैस्ट टीचर पॉलिसी को निरस्त कर स्थाई भर्ती की जाए और अनावश्यक रूप से विश्वविद्यालयों में राजनीतिक हस्तक्षेप को बंद किया जाए अन्यथा विद्यार्थी परिषद इसके खिलाफ बड़ा आंदोलन खड़ा करेगी जिसके लिए वर्तमान सरकार जिम्मेवार होगी।

प्रांत मंत्री नैंसी अटल ने कहा कि पूरे प्रदेश से इस अधिवेशन में विद्यार्थी परिषद के लगभग 524 कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। जिसमें 310 छात्र, 167 छात्राएं और 47 प्राध्यापक शामिल थे।

डॉ राकेश शर्मा फिर बने एवीबीपी के प्रदेश अध्यक्ष प्रदेश अधिवेशन में विद्यार्थी परिषद ने वर्ष 2025-26 के नवनिर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष एवं प्रदेश मंत्री की घोषणा की जिसमें डॉ राकेश शर्मा को पुनः विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश का अध्यक्ष चुना गया है। ऐसे ही नैंसी अटल को विद्यार्थी परिषद द्वारा वर्ष 2025-26 के प्रदेश मंत्री चुना गया है।

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