पंजाब फतह की तैयारी में BJP: 16 नेताओं की एंट्री तय, अकाली जत्थेबंदियों से गठजोड़ की रणनीति

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चंडीगढ़। पंजाब विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपनी राजनीतिक रणनीति पर तेजी से काम शुरू कर दिया है। सत्ता तक पहुंचने के लक्ष्य के साथ भाजपा प्रदेश में नए राजनीतिक समीकरण बनाने की तैयारी में है। इसके तहत पार्टी पंजाब की विभिन्न अकाली जत्थेबंदियों के संपर्क में बताई जा रही है और इनके साथ चुनावी गठजोड़ की संभावनाएं तलाश रही है।

सूत्रों के मुताबिक, भाजपा की मौजूदा रणनीति में शिरोमणि अकाली दल (बादल) को फिलहाल दूर रखने का फैसला किया गया है। इसके बजाय पार्टी पंजाब में सक्रिय अन्य अकाली गुटों के साथ तालमेल बनाने पर विचार कर रही है।

चार अन्य अकाली जत्थेबंदियां भाजपा के रडार पर

पंजाब में शिरोमणि अकाली दल (बादल) के अलावा चार प्रमुख अकाली जत्थेबंदियां सक्रिय हैं। इनमें शिअद (पुनर सुरजीत) प्रमुख है, जिसका गठन करीब एक साल पहले बादल गुट से अलग होकर हुआ था।

इसके अलावा अकाली दल (वारिस पंजाब दे), शिअद (संयुक्त) और शिअद (अमृतसर) भी पंजाब की राजनीति में सक्रिय हैं। भाजपा इन संगठनों के राजनीतिक प्रभाव और क्षेत्रीय पकड़ का आकलन कर रही है।

16 बड़े नेताओं को BJP में शामिल कराने की तैयारी

भाजपा की रणनीति केवल गठजोड़ तक सीमित नहीं है। सूत्रों के अनुसार, विभिन्न राजनीतिक दलों के करीब 16 बड़े नेताओं को जल्द भाजपा में शामिल कराने की तैयारी भी चल रही है।

इन नेताओं के पार्टी में आने से भाजपा को अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में संगठनात्मक मजबूती और चुनावी फायदा मिलने की उम्मीद है।

117 में से 99 सीटों पर खुद को मजबूत मान रही BJP

भाजपा के एक वरिष्ठ नेता के अनुसार, पार्टी ने पंजाब की सभी 117 विधानसभा सीटों का आंतरिक राजनीतिक आकलन किया है। भाजपा अपने आकलन में करीब 99 सीटों पर खुद को मजबूत, जबकि 18 सीटों पर अपेक्षाकृत कमजोर मान रही है।

इनमें से पार्टी ने 73 विधानसभा सीटों को विशेष फोकस वाली सीटों के रूप में चिन्हित किया है। आने वाले महीनों में भाजपा का चुनावी अभियान, संगठन विस्तार और बड़े नेताओं की गतिविधियां इन सीटों पर अधिक केंद्रित रहने की संभावना है।

सत्ता हासिल करने के लिए नई राजनीतिक बिसात

राजनीतिक जानकारों के मुताबिक भाजपा पंजाब में केवल अपने संगठन के भरोसे चुनाव लड़ने के बजाय गठजोड़, नेताओं की ज्वाइनिंग और क्षेत्रीय राजनीतिक समीकरणों पर एक साथ काम कर रही है।

अकाली जत्थेबंदियों के साथ संभावित गठबंधन और अन्य दलों के बड़े नेताओं को भाजपा में शामिल कराने की रणनीति को आगामी विधानसभा चुनाव में सत्ता हासिल करने की व्यापक योजना का हिस्सा माना जा रहा है।

हालांकि, गठबंधन और नेताओं की ज्वाइनिंग को लेकर भाजपा की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। आने वाले दिनों में पंजाब की राजनीति में नए राजनीतिक समीकरण सामने आ सकते हैं।

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