EWS का फर्जी सर्टिफिकेटों का फर्जीवाड़ा : 14 आयुर्वेदिक डॉक्टरों ने फर्जी सर्टिफिकेटों के जरिए हथिया ली सरकारी नौकरी, धोखाधड़ी का केस दर्ज

by

एएम नाथ। शिमला : हिमाचल प्रदेश में आयुर्वेदिक विभाग में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के फर्जी प्रमाणपत्रों का सहारा लेकर सरकारी नौकरी हासिल करने वाले 14 आयुर्वेदिक डॉक्टर अब कानून के शिकंजे में हैं। विजिलेंस जांच में सामने आया है कि इन डॉक्टरों ने झूठी आय और पात्रता की जानकारी देकर सरकारी व्यवस्था को चकमा दिया है।   कुछ डॉक्टर तो ऐसे हैं जो पहले से ही सेवा में कार्यरत थे, फिर भी खुद को आर्थिक रूप से कमजोर साबित कर नौकरी हथिया ली। 2022 में हुई इस भर्ती मामले में अब शिकंजा कसा है। राज्य भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (विजिलेंस) ने अब इन डॉक्टरों के विरुद्ध मंडी, धर्मशाला, हमीरपुर और बिलासपुर में फर्जी दस्तावेज बनाने और धोखाधड़ी के केस दर्ज किए हैं।

जांच के दायरे में न यह डॉक्टर और फर्जी दस्तावेज जारी करने वाले अधिकारी भी आ गए हैं। पांच डॉक्टरों के विरुद्ध धर्मशाला, चार-चार के विरुद्ध मंडी और कांगड़ा तथा एक के विरुद्ध बिलासपुर में केस दर्ज हुआ है। प्रारंभिक जांच में इन 14 डाक्टरों के खिलाफ पुख्ता सबूत मिले हैं। इन डॉक्टरों की तैनाती 2022 में बैचवाइज आधार पर हुई थी। इनकी संपत्ति की जांच भी की जाएगी।

 फर्जीवाड़े का मामला खुला:  फर्जीवाड़े की शिकायत  श्वेता शर्मा निवासी बैजनाथ ने की थी। शिकायत पुलिस अधीक्षक विजिलेंस धर्मशाला को 28 तथा मंडी को 30 अप्रैल को प्राप्त हुई थी। आयुर्वेद विभाग में 115 आयुर्वेदिक डॉक्टरों की भर्ती हुई थी। पहली अधिसूचना में 89 डॉक्टरकी नियुक्ति हुई थी। 10 की पहली तथा दूसरी सूची में 26 में से चार की ईडब्ल्यूएस आधार पर नियुक्ति हुई थी। शिकायत के बाद जांच में पता चला कि 14 डॉक्टरों ने फर्जी ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्रों का सहारा लिया है। इन आरोपितों ने केवल अपनी पारिवारिक आय को छिपाया, बल्कि कुछ ऐसे भी थे जो पहले से ही किसी अन्य सेवा में कार्यरत थे।

यह सीधे तौर पर ईडब्ल्यूएस के पात्रता मापदंडों का उल्लंघन है क्योंकि यह लाभ केवल उन उम्मीदवारों को दिया जा सकता है जो सरकारी सेवा में नहीं हैं और जिनकी पारिवारिक आय निश्चित सीमा से कम है।

मंडी में चार डाक्टरों के विरुद्ध दर्ज हुआ केस ”  विजिलेंस थाना मंडी में डा. विनोद कुमार, डॉ. पुष्पराज, डॉ. भारतेंदु कुमार व डॉ. विवेक शर्मा के विरुद्ध केस दर्ज किया गया है। डॉ. विवेक शर्मा हमीरपुर जिले के हीरानगर व तीन अन्य आरोपित मंडी जिले के धर्मपुर, सराज के छतरी तथा करसोग उपमंडल के चुराग के रहने वाले हैं।

Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
हिमाचल प्रदेश

18 महीने में हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार ने लिया 27000 करोड़ का कर्ज : अनुराग ठाकुर

रोहित भदसाली। शिमला :  पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने सोमवार को कहा कि हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार ने पिछले 18 महीनों में 27,000 करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज लिया है. उन्होंने...
article-image
हिमाचल प्रदेश

भूस्खलन से 10 सड़कें बंद , हिमाचल प्रदेश में अब तक 175 करोड़ का नुकसान

एएम नाथ।  शिमला, 12 जुलाई । हिमाचल प्रदेश में मानसून की बारिश में आई कमी से लोगों को राहत मिली है। राज्य में भूस्खलन से अवरुद्ध सड़कों की बहाली का काम तेजी से जारी...
article-image
हिमाचल प्रदेश

क़ानून व्यवस्था ध्वस्त, प्रदेश की छवि धूमिल कर रही सरकार का निकम्मापन : जयराम ठाकुर

रोहड़ू, ऊना, कुल्लू, बंजार, चंबा, शिमला समेत हर जगह से आ रही वीभत्स ख़बरें, सरकार मौन पुलिस प्रशासन बीजेपी के कार्यकर्ताओं और नेताओं की निगरानी में लगा प्रदेश में अपराध और अपराधी का बोलबाला,...
article-image
हिमाचल प्रदेश

प्रदेश सरकार वनों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध- मुख्यमंत्री सुक्खू

रोहित जसवाल। शिमला : मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज यहां गैर सरकारी संस्था ‘नीडल लीफ फांऊडेशन -द सेवियर’ द्वारा प्रदेश में कार्यान्वित की जाने वाली दो परियोजनाओं का शुभारम्भ किया। संस्था द्वारा...
Translate »
error: Content is protected !!