GMADA पर ED का शिकंजा: तीनों फ्लोर सील, अफसरों के मोबाइल जब्त; 26 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी

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मोहाली । ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (GMADA) के दफ्तर में मंगलवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की। ED की टीमों ने कार्यालय पहुंचते ही तीनों फ्लोर सील कर दिए, जहां वरिष्ठ अधिकारियों के कार्यालय हैं। इसके बाद कई वरिष्ठ अधिकारियों के मोबाइल फोन भी जांच टीम ने अपने कब्जे में ले लिए। स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक जालंधर, चंडीगढ़ और दिल्ली से आई टीमें तीन वाहनों में कार्रवाई के लिए पहुंचीं।

सूत्रों के अनुसार GMADA के एस्टेट ऑफिसर, एडिशनल चीफ एडमिनिस्ट्रेटर और चीफ एग्जीक्यूटिव इंजीनियर समेत वरिष्ठ अधिकारियों को हाउसिंग विभाग के सचिव के कमरे में बुलाकर पूछताछ की गई।

26 ठिकानों पर तलाशी और सर्वे

ED की कार्रवाई तिरुपति इंफ्राप्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दिल्ली, चंडीगढ़, हरियाणा और पंजाब में कुल 26 ठिकानों पर की जा रही कार्रवाई का हिस्सा है। रिपोर्टों के अनुसार GMADA और पंजाब सरकार के हाउसिंग एवं अर्बन डेवलपमेंट विभाग से जुड़े परिसरों में भी PMLA के तहत सर्वे किया गया।

जांच एजेंसी भूमि अधिग्रहण, चेंज ऑफ लैंड यूज (CLU), संपत्तियों की नीलामी और निजी रियल एस्टेट कंपनियों को कथित अनुचित लाभ पहुंचाने से जुड़े लेन-देन की जांच कर रही है।

दो प्रमुख साइटों की खरीद जांच के दायरे में

ED के अनुसार तिरुपति इंफ्राप्रोजेक्ट्स के प्रमोटर से जुड़ी रेमिगेट बिल्डइस्टेट्स (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड और एमबी इंफ्राबिल्ड प्राइवेट लिमिटेड ने GMADA से मोहाली में नीलामी के जरिए दो प्रमुख साइटें खरीदी थीं। एजेंसी इन कंपनियों को कथित तौर पर मिले लाभ और GMADA को हुए संभावित नुकसान से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है।

जांच में GMADA के लिए कंसल्टेंसी कार्य करने वाली टीला कंसल्टेंट्स एंड कॉन्ट्रैक्टर्स प्राइवेट लिमिटेड के परिसरों को भी शामिल किया गया है। ED को कथित तौर पर संदेह है कि कंपनी ने संबंधित लेन-देन में मध्यस्थ की भूमिका निभाई।

100 करोड़ से अधिक के कथित नुकसान की जांच

ED के अनुसार संदिग्ध अनुचित लाभ और सरकारी खजाने को हुए संभावित नुकसान की रकम 100 करोड़ रुपये से अधिक हो सकती है। हालांकि, यह जांच का हिस्सा है और मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

मजीठिया ने सरकार पर उठाए सवाल

ED की कार्रवाई को लेकर शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए पंजाब सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कार्रवाई को कथित भ्रष्टाचार और जमीन से जुड़े मामलों से जोड़ते हुए पूरे मामले की जांच की मांग की। मजीठिया ने कुछ अधिकारियों और OSDs की भूमिका की भी जांच की मांग की है। उनके आरोपों पर संबंधित पक्षों का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।

पहले भी हो चुकी है कार्रवाई

GMADA के प्रोजेक्टों और CLU से जुड़े मामलों में ED की कार्रवाई इससे पहले भी सामने आ चुकी है। 7 मई 2026 को मोहाली के खरड़ स्थित वेस्टर्न टावर्स सोसाइटी में ED की कार्रवाई के दौरान करीब 21 लाख रुपये नकद बरामद होने की रिपोर्ट सामने आई थी। उस समय कार्रवाई को सनटेक सिटी प्रोजेक्ट और CLU से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले से जोड़ा गया था।

हालांकि, मौजूदा 22 सितंबर की कार्रवाई तिरुपति इंफ्राप्रोजेक्ट्स से जुड़े मामले में 26 स्थानों पर चल रही व्यापक जांच का हिस्सा बताई गई है।

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