एएम नाथ। शिमला : हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (HPU) के विद्यार्थियों को बड़ी आर्थिक राहत मिली है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के निर्देशों के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने वर्तमान शैक्षणिक सत्र में अधिसूचित और लागू विभिन्न प्रकार की फीस में 10 फीसदी कटौती करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही छात्रावासों की बढ़ाई गई फीस को भी वापस ले लिया गया है। अब हॉस्टल में पहले से लागू फीस संरचना ही प्रभावी रहेगी।
फीस में कटौती को लेकर विश्वविद्यालय में गठित उच्च स्तरीय समिति ने विभिन्न पहलुओं का अध्ययन करने के बाद अपनी सिफारिशें तैयार की थीं। विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य महावीर सिंह ने समिति की ओर से तैयार प्रारूप मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया। इसके बाद मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार फीस में आवश्यक कटौती का निर्णय लिया गया। प्रशासन के इस फैसले से विद्यार्थियों पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ कम होगा।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वर्ष 2026-27 में अधिसूचित फीस में किए गए बदलाव केवल इस शैक्षणिक सत्र में प्रवेश लेने वाले नए विद्यार्थियों पर लागू होंगे। फीस में कमी और छात्रावास शुल्क को पूर्व स्थिति में बहाल करने से विद्यार्थियों को सीधी आर्थिक राहत मिलेगी। विश्वविद्यालय के इस फैसले से उच्च शिक्षा को विद्यार्थियों के लिए अधिक सुलभ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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पुनर्मूल्यांकन शुल्क हुआ आधा, सुधार शुल्क में भी कटौती
समिति की सिफारिशों के आधार पर पुनर्मूल्यांकन शुल्क में भी बड़ी कटौती की गई है। स्नातक स्तर पर पुनर्मूल्यांकन शुल्क अब 1000 रुपये के बजाय 500 रुपये लगेगा। वहीं, स्नातकोत्तर स्तर पर पुनर्मूल्यांकन शुल्क 1200 रुपये से घटाकर 600 रुपये कर दिया गया है। सुधार शुल्क को भी 1200 रुपये से घटाकर 800 रुपये करने का निर्णय लिया गया है।
