जालंधर में भाजपा नेता ने भगवंत मान सरकार को घेरा; बोले- न OTS योजना लागू हुई और न किसानों को बढ़ी हुई क्रेडिट लिमिट का मिला लाभ
जालंधर। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता सुनील जाखड़ ने पंजाब की भगवंत मान सरकार पर किसानों से किए वादे पूरे नहीं करने का आरोप लगाया है। जालंधर में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि सरकार किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) की लिमिट बढ़ाने और कर्ज माफी को लेकर बड़े-बड़े दावे कर रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर किसानों को इन घोषणाओं का लाभ नहीं मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपने चुनावी वादों को पूरा करने के बजाय केवल घोषणाओं के सहारे काम चला रही है।
जाखड़ ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने किसानों को सहकारी बैंकों और कृषि विकास समितियों के कर्ज से राहत दिलाने के लिए वन टाइम सेटलमेंट (OTS) नीति लागू करने का भरोसा दिया था। इसके लिए विधानसभा में सर्वदलीय समिति गठित करने की बात भी कही गई थी, लेकिन विधानसभा सत्र समाप्त होने के बावजूद इस दिशा में कोई ठोस कदम सामने नहीं आया।
बकाया कर्ज पर सर्वदलीय समिति गठित नहीं हुई
भाजपा नेता ने मुख्यमंत्री के पुराने बयानों का हवाला देते हुए कहा कि सरकार ने 7 सितंबर तक विधानसभा में सर्वदलीय समिति बनाने की बात कही थी। इस समिति को पंजाब राज्य सहकारी बैंक और कृषि विकास बैंक के बकाया कर्जों के निपटारे को लेकर रिपोर्ट तैयार करनी थी।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब विधानसभा सत्र समाप्त हो गया है तो अब तक न तो OTS योजना लागू हुई और न ही किसानों को कर्ज से राहत मिली। जाखड़ ने सरकार से पूछा कि किसानों को दिए गए आश्वासनों पर अब तक क्या कार्रवाई हुई है?
26 साल पुरानी KCC नीति बदलने का किया था दावा
सुनील जाखड़ ने कहा कि जून-जुलाई में मुख्यमंत्री ने 26 साल पुरानी किसान क्रेडिट कार्ड नीति में बदलाव करने की घोषणा की थी। दावा किया गया था कि वर्ष 2000 के बाद पहली बार फसलों के अनुसार किसानों की कर्ज सीमा बढ़ाई जा रही है, ताकि फसल विविधीकरण को प्रोत्साहन मिल सके।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने मक्का, मूंगफली, कपास, हल्दी, आलू, गोभी, जामुन, ड्रैगन फ्रूट और लहसुन सहित विभिन्न फसलों के लिए कर्ज सीमा बढ़ाने की बात कही थी। लेकिन किसानों को इसका वास्तविक लाभ मिलने को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।
कितने किसानों को मिला बढ़ी हुई लिमिट का लाभ?
जाखड़ ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से सवाल किया कि इन घोषणाओं के बाद जालंधर सहित पूरे पंजाब में कितने किसानों के नए खाते खोले गए और कितने किसानों को बढ़ी हुई क्रेडिट लिमिट का लाभ मिला है।
उन्होंने कहा कि सरकार को केवल घोषणाएं करने के बजाय किसानों के सामने आंकड़े रखने चाहिए। भाजपा नेता ने सरकार के दावों को किसानों के साथ वादाखिलाफी बताते हुए मांग की कि कर्ज राहत और KCC सीमा बढ़ाने संबंधी घोषणाओं के क्रियान्वयन की स्थिति सार्वजनिक की जाए।
